BJP की नशा मुक्त पंजाब यात्रा कल से: नितिन नवीन करेंगे शुरुआत; 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की योजना
18 से 30 सितंबर तक पंजाब में BJP की चार नशा मुक्त यात्राएं निकलेंगी। नितिन नवीन पठानकोट से पहली यात्रा को रवाना करेंगे, जबकि 30 सितंबर को जालंधर में समापन कार्यक्रम प्रस्तावित है।

पंजाब में नशे के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से शुरू होगी। पार्टी ने राज्य में चार यात्राएं निकालने की योजना बनाई है। इन यात्राओं के जरिए पंजाब के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने की बात कही गई है। अभियान 30 सितंबर को जालंधर में प्रस्तावित बड़ी रैली के साथ समाप्त होगा।
नितिन नवीन करेंगे पहली यात्रा को रवाना
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट जिले के माधोपुर स्थित एकता स्थल से पहली यात्रा को रवाना करेंगे। इसके बाद 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब, 20 सितंबर को फाजिल्का और 21 सितंबर को बठिंडा के तलवंडी साबो से अन्य यात्राएं शुरू होंगी। चारों यात्राएं मिलकर करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करने की योजना है।
नशे से प्रभावित परिवारों से मिलने की तैयारी
पार्टी की चंडीगढ़ में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में नशे से प्रभावित परिवारों को भी मंच पर बुलाया गया। BJP के अनुसार, यात्रा के दौरान ऐसे परिवारों से संपर्क कर उनकी समस्याएं और अनुभव सामने लाए जाएंगे।
BJP का कहना है कि अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाना और इसे जनआंदोलन का रूप देना है।
पुलिस से सुरक्षा व्यवस्था की मांग
यात्रा को लेकर पंजाब BJP के प्रतिनिधिमंडल ने DGP गौरव यादव से मुलाकात कर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की मांग की थी। पार्टी ने यात्रा के दौरान पर्याप्त पुलिस व्यवस्था और विभिन्न जिलों में SSP, DSP तथा SHO स्तर पर समन्वय की मांग रखी।
केंद्रीय मंत्री भी होंगे शामिल
यात्राओं के अलग-अलग चरणों में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अर्जुन राम मेघवाल समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। 30 सितंबर को सभी यात्राओं के जालंधर में पहुंचने के बाद समापन कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की जानकारी विभिन्न रिपोर्टों में दी गई है।
BJP ने इस अभियान को नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान बताया है, जबकि राजनीतिक विश्लेषणों में इसे 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की राज्यव्यापी गतिविधियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।



