जयपुर में 16 ब्लैक स्पॉट चिह्नित, सड़क हादसों में 560 लोगों की मौत
ओटीएस, बी-2 बाईपास और रिद्धि-सिद्धि चौराहा बने दुर्घटनाओं के प्रमुख केंद्र, ट्रैफिक पुलिस ने सुझाए सुधारात्मक उपाय

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सड़क हादसों का बढ़ता आंकड़ा चिंता का विषय बना हुआ है। ट्रैफिक पुलिस ने शहर में 16 ऐसे ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए हैं, जहां दुर्घटनाओं का खतरा अधिक बना रहता है। रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक सड़क हादसों में 560 लोगों की मौत हो चुकी है।
ओटीएस चौराहा, बी-2 बाईपास, रिद्धि-सिद्धि चौराहा और गवर्नमेंट हॉस्टल सहित कई प्रमुख स्थानों पर हादसों की आशंका अधिक बताई गई है। इन जगहों पर तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, यातायात का दबाव और सड़क की बनावट जैसी समस्याएं सामने आई हैं।
तेज रफ्तार से लेकर अतिक्रमण तक कई कारण
एडिशनल पुलिस कमिश्नर प्रदीप मोहन के अनुसार, शहर के अलग-अलग ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं के कारण अलग हैं। कुछ चौराहों पर सड़क की चौड़ाई के कारण वाहन चालक तेज गति से निकलते हैं, जबकि अन्य स्थानों पर यातायात का दबाव और स्पीड ब्रेकर की कमी जोखिम बढ़ाती है।
इसके अलावा रॉन्ग साइड ड्राइविंग, बसों और टेंपो का अवैध ठहराव, सड़क किनारे अतिक्रमण, ठेले और अवैध पार्किंग भी हादसों की प्रमुख वजहों में शामिल हैं।
नाहरगढ़ पहाड़ी और सीकर रोड पर भी खतरा
नाहरगढ़ पहाड़ी पर ढलान और तीखे मोड़ दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाते हैं। सीकर रोड पर भारी यातायात दबाव और सर्विस रोड पर स्पीड ब्रेकर की कमी को भी समस्या बताया गया है। कुछ अन्य स्थानों पर सड़क के गड्ढे, तीखे मोड़ और बजरी से भरे ट्रकों की अवैध पार्किंग भी परेशानी बढ़ा रही है।
जयपुर के 16 ब्लैक स्पॉट
- बी-2 बाईपास चौराहा
- ओटीएस चौराहा
- टोंक पुलिया और 200 फीट चौराहा
- कमला नेहरू नगर
- द्वारकादास पार्क
- गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहा
- रिद्धि-सिद्धि चौराहा
- धोबी घाट सर्किल
- पाड़ा मंडी ईदगाह और पुलिया नंबर-2
- नाहरगढ़ पहाड़ी
- भवानी निकेतन से ढेहर का बालाजी तक सीकर रोड
- खैतान चौराहा
- रोड नंबर-14, सीकर रोड
- पानीपेच से शनि मंदिर तक
- नंबर-5 पुलिया से लोहा मंडी कट
- एक्सप्रेस हाईवे, हर्ष होटल और आसपास का इलाका
हादसे रोकने के लिए सुझाए गए उपाय
ट्रैफिक पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप, चेतावनी बोर्ड और स्टॉप लाइन बनाने जैसे उपाय सुझाए हैं। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने, अवैध कट बंद करने, पैदल राहगीरों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाने और जरूरत के अनुसार सड़क की चौड़ाई में बदलाव करने की सिफारिश की गई है। कुछ स्थानों पर अंडरपास बनाने के विकल्प पर भी विचार किया गया है।
सुधार लागू होने का इंतजार
जयपुर में सड़क हादसों में हुई मौतों का यह आंकड़ा सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत दर्शाता है। अब इन 16 ब्लैक स्पॉट पर सुझाए गए सुधारों को लागू करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि तेज रफ्तार, यातायात संबंधी खामियों और सड़क की खराब स्थिति के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।




