ड्राईफ्रूट समझकर जहरीला रतनजोत खा गए बच्चे: ग्वालियर में 10 की तबीयत बिगड़ी, 2 ICU में भर्ती
भंडारे से लौटते समय खेत किनारे मिला फल ड्राईफ्रूट समझकर खाया; उल्टी-दस्त के बाद अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों ने अनजान फल-बीज से बचने की दी सलाह

ग्वालियर। मुरार ब्लॉक के सिरसौद गांव में रविवार शाम रतनजोत का फल खाने से 10 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बताया गया कि बच्चे भागवत कथा और भंडारे से लौट रहे थे। रास्ते में खेत के किनारे रतनजोत का पौधा देखकर उन्होंने उसके फल को ड्राईफ्रूट समझ लिया और आपस में बांटकर खा लिया।
घर पहुंचने के कुछ देर बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। परिजन उन्हें जिला अस्पताल मुरार लेकर पहुंचे, जहां से सभी को जयारोग्य अस्पताल समूह के कमला राजा अस्पताल रेफर किया गया।
8 बच्चे PICU, 2 ICU में भर्ती
अस्पताल में 8 बच्चों को PICU में भर्ती किया गया है, जबकि गंभीर हालत के चलते 2 बच्चों को न्यू जेएएच के ICU में रखा गया है। भर्ती बच्चों की उम्र 5 से 15 वर्ष के बीच बताई गई है। गांव से तीन अन्य बच्चों को भी अस्पताल लाए जाने की जानकारी सामने आई है।
डॉक्टर बोले- रतनजोत का फल जहरीला
वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. घनश्याम दास के अनुसार रतनजोत का फल जहरीला होता है। इसके सेवन से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है, जिससे उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
बच्चों के जहरीला फल खाने की जानकारी मिलने पर डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और भर्ती बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सकीय टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अनजान फल और बीज खाने से बचने की सलाह
डॉक्टरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों से बच्चों को अनजान पेड़-पौधों के फल और बीज खाने से रोकने की अपील की है। किसी अज्ञात फल या बीज के सेवन के बाद तबीयत बिगड़ने पर बिना देरी किए बच्चे को अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई है।
जिला अस्पताल से रेफर करने पर परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल मुरार की इमरजेंसी में बच्चों को प्राथमिक उपचार देने के बजाय कमला राजा अस्पताल रेफर कर दिया गया। उनका कहना है कि बच्चों की हालत खराब थी और तत्काल उपचार की जरूरत थी। हालांकि, इस आरोप पर जिला अस्पताल की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




