ड्रोन की नजर से देखिए बिहार की खूबसूरती: गीता वॉटरफॉल में 300 फीट से गिरता पानी, चारों ओर पहाड़ों की हरियाली
बारिश के मौसम में कैमूर की पहाड़ियों का बदला रूप; सासाराम से करीब 10 किलोमीटर दूर जंगलों के बीच मौजूद है गीता वॉटरफॉल

बारिश का मौसम बिहार के जंगलों और पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। कैमूर की पहाड़ियों में इन दिनों चारों तरफ हरियाली नजर आ रही है और पहाड़ी झरने पानी से लबालब हैं। इसी प्राकृतिक खूबसूरती के बीच रोहतास जिले का गीता वॉटरफॉल लोगों को आकर्षित कर रहा है।
सासाराम से करीब 10 किलोमीटर दक्षिण में स्थित यह झरना बारिश के दिनों में खास रूप ले लेता है। ऊंचाई से गिरता पानी, घने जंगल और पहाड़ी घाटियां यहां आने वाले लोगों को प्राकृतिक वातावरण का अनुभव कराती हैं।
300 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी
गीता वॉटरफॉल में बारिश के मौसम में पानी करीब 300 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता दिखाई देता है। ऊंचाई से गिरती जलधारा के आसपास पहाड़ियों पर फैली हरियाली इस जगह को खास बनाती है।
ड्रोन कैमरे से देखने पर झरने के आसपास फैले जंगल, पहाड़ी ढलान और जलधारा का पूरा प्राकृतिक दृश्य सामने आता है।
कैमूर की पहाड़ियों में घने जंगल और झरने
कैमूर की पहाड़ियां विंध्य पर्वतमाला के पूर्वी हिस्से का विस्तार मानी जाती हैं। यह क्षेत्र मध्यप्रदेश से बिहार तक फैला हुआ है।
बिहार में कैमूर की पहाड़ियों का बड़ा हिस्सा रोहतास और आसपास के क्षेत्रों में आता है। यहां घने जंगलों के साथ गहरी घाटियां और कई प्राकृतिक झरने मौजूद हैं।
मानसून के दौरान इन झरनों में पानी का प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे पहाड़ी इलाकों का दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है।
गीताघाट बाबा से जुड़ा है धार्मिक संदर्भ
गीता वॉटरफॉल क्षेत्र का धार्मिक महत्व भी बताया जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यहां परमहंस स्वामी शिवानंद, जिन्हें गीताघाट बाबा के नाम से भी जाना जाता है, तप करते थे।
इसी धार्मिक संदर्भ के कारण यहां पवित्रता बनाए रखने पर जोर दिया जाता है। स्थानीय स्तर पर इस प्राकृतिक स्थल पर मांस और मदिरा के सेवन पर रोक बताई गई है।
बारिश में देखने लायक बन जाता है पूरा इलाका
मानसून के दौरान कैमूर की पहाड़ियों का स्वरूप पूरी तरह बदल जाता है। पहाड़ी ढलानों पर घास और पेड़-पौधों की हरियाली, बादलों से घिरी चोटियां और झरनों की आवाज इस इलाके को प्राकृतिक पर्यटन के लिए आकर्षक बनाती है।
गीता वॉटरफॉल भी इसी मानसूनी खूबसूरती का हिस्सा है, जहां जंगल और झरना मिलकर बिहार के पहाड़ी प्राकृतिक सौंदर्य की तस्वीर पेश करते हैं।




