झारखंड में नई रोजगार योजना लागू होने के तीन महीने में 2.68 लाख सक्रिय श्रमिक घटे
मनरेगा की जगह शुरू हुई वीबी-जी राम जी योजना में 100 से बढ़ाकर 125 दिन की रोजगार गारंटी, फिर भी जॉब कार्डधारियों की संख्या में करीब 1.97 लाख की कमी

रांची/धनबाद। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई को मनरेगा की जगह विकसित भारत रोजगार आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) लागू किया था। नई योजना में श्रमिकों को 100 दिन के बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान किया गया। इसके साथ ही फर्जीवाड़ा रोकने के लिए भुगतान व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। हालांकि, योजना लागू होने के महज तीन महीने में झारखंड में सक्रिय श्रमिकों और जॉब कार्डधारियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 30 जून तक झारखंड के सभी 24 जिलों में मनरेगा के तहत 35,47,833 सक्रिय श्रमिक थे। नई योजना लागू होने के बाद इनकी संख्या घटकर 32,79,615 रह गई। इस प्रकार करीब 2.68 लाख सक्रिय श्रमिक कम हुए। वहीं, जॉब कार्डधारियों की संख्या भी 65.92 लाख से घटकर 63.95 लाख पर पहुंच गई है।
गिरिडीह और गढ़वा में सबसे अधिक कमी
जिलेवार आंकड़ों के मुताबिक, सक्रिय श्रमिकों की संख्या में गिरावट सभी 24 जिलों में दर्ज की गई। गिरिडीह में सक्रिय श्रमिकों की संख्या 3,08,519 से घटकर 2,66,519 रह गई। वहीं, गढ़वा में यह संख्या 2,83,350 से घटकर 2,41,085 हो गई। चतरा, देवघर और पलामू में भी सक्रिय श्रमिकों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
धनबाद में सक्रिय श्रमिकों की संख्या 1,22,037 से घटकर 1,14,770 और रांची में 1,61,953 से घटकर 1,54,608 रह गई। रामगढ़ में सबसे कम गिरावट दर्ज की गई, जहां सक्रिय श्रमिकों की संख्या 66,440 से घटकर 66,180 हुई।
बारिश और खेती को भी बताया गया कमी का कारण
श्रमिकों की संख्या में गिरावट के पीछे बारिश और खेतीबाड़ी को भी संभावित कारण बताया गया है। झारखंड में सिंचाई के लिए कुआं, डोभा और तालाब निर्माण के साथ आवास निर्माण सहित विभिन्न योजनाएं संचालित होती हैं। बारिश के दौरान कई निर्माण कार्य प्रभावित होते हैं।
इसके अलावा, राज्य के अधिकांश किसान धान की खेती पर निर्भर हैं। धनरोपनी के दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक खेती के काम में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में रोजगार योजनाओं में सक्रिय श्रमिकों की संख्या कम होने की संभावना रहती है।
नई योजना में भुगतान की व्यवस्था में बदलाव
वीबी-जी राम जी योजना के तहत जॉब कार्डधारियों को एसएनए स्पर्श पोर्टल के माध्यम से सीधे बैंक खातों में भुगतान करने की व्यवस्था की गई है। नई योजना में रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। इसके बावजूद शुरुआती तीन महीनों में सक्रिय श्रमिकों और जॉब कार्डधारियों की संख्या में कमी सामने आई है।
हालांकि, उपलब्ध आंकड़े श्रमिकों की संख्या में गिरावट दिखाते हैं, लेकिन इससे अकेले यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि गिरावट का कारण नई योजना ही है।




