‘कच्चा बादाम गर्ल’ से सीता तक: अंजली अरोड़ा ने ट्रोलिंग पर कहा- पुरानी छवि मेरी पूरी जिंदगी नहीं
अंजली अरोड़ा ने कहा- ‘कच्चा बादाम’ वाली पुरानी पहचान जिंदगी का सिर्फ एक हिस्सा; ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ में सीता के किरदार के लिए की खास तैयारी

मुंबई। फिल्म ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ में सीता का किरदार निभा रहीं अंजली अरोड़ा इन दिनों चर्चा में हैं। एक ओर उनके लुक और अभिनय को लेकर बातें हो रही हैं, वहीं सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी डांसिंग रील्स को लेकर ट्रोलिंग भी की जा रही है। अंजली ने इस ट्रोलिंग पर कहा है कि किसी व्यक्ति की पुरानी छवि उसकी पूरी जिंदगी और पहचान नहीं हो सकती।
अंजली ने सोशल मीडिया पर ‘कच्चा बादाम’ गाने पर बनाई गई डांसिंग रील्स से पहचान बनाई थी। इसके बाद वह रियलिटी शो ‘लॉक अप सीजन 1’ में भी नजर आईं। अब सीता का किरदार निभाने के कारण उनकी पुरानी सोशल मीडिया इमेज को लेकर कुछ यूजर्स सवाल उठा रहे हैं।
‘पुरानी जिंदगी मेरी पूरी पहचान नहीं’
ट्रोलिंग को लेकर अंजली ने कहा कि लोगों को किसी को जज करने का अधिकार है, लेकिन किसी की जिंदगी का एक हिस्सा उसकी पूरी पहचान नहीं बन सकता। उनके मुताबिक, जो काम उन्होंने पहले किए हैं, वे उनकी जिंदगी का हिस्सा हैं, लेकिन पूरी जिंदगी नहीं।
अंजली ने कहा कि अगर लोग उन्हें ‘कच्चा बादाम’ वाली इमेज से याद करते हैं तो यह भी ठीक है, लेकिन उन्होंने इसके अलावा भी कई काम किए हैं। वह चाहती हैं कि दर्शक उनकी निजी या सोशल मीडिया छवि को अलग रखते हुए फिल्म में उनके किरदार को देखें और उसी आधार पर अपनी राय बनाएं।
सीता का रोल मिलने पर खुद भी थीं हैरान
अंजली ने बताया कि जब उन्हें सीता का किरदार मिला तो शुरुआत में वह खुद हैरान थीं। उनके मन में सवाल था कि उन्हें ही यह भूमिका क्यों दी गई और वह इसे किस तरह निभा पाएंगी। निर्देशक के विजन और भरोसे के बाद उन्होंने किरदार की तैयारी शुरू की।
अंजली के लिए सीता धैर्य, त्याग और सादगी की प्रतीक हैं। उन्होंने किरदार को समझने के दौरान इन गुणों को पर्दे पर उतारने की कोशिश की। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सीता ने धैर्य बनाए रखा और ऐसा निर्णय नहीं लिया जिससे किसी दूसरे को नुकसान पहुंचे।
‘मैं आज की पीढ़ी की लड़की हूं’
जब अंजली से पूछा गया कि उनमें और सीता के व्यक्तित्व में कितनी समानताएं हैं, तो उन्होंने खुद की तुलना सीता से करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह आज की पीढ़ी की लड़की हैं और उनके अपने विचार व जीवनशैली हैं।
हालांकि, अंजली ने कहा कि वह अपने धर्म और विश्वास से जुड़ी हुई हैं। उनका मानना है कि जो व्यक्ति या चीज उनके लिए है, वह अंततः उनके पास आएगी और जो उनका नहीं है, वह पास आकर भी दूर चला जाएगा।
बच्चों को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने की बात
अंजली ने बच्चों की परवरिश को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बच्चों को आधुनिक सोच और जीवनशैली अपनाने की आजादी मिलनी चाहिए, लेकिन उन्हें धर्म, संस्कृति और संस्कारों की जानकारी भी दी जानी चाहिए।
उनके अनुसार, उनके माता-पिता ने उन्हें धर्म से जुड़े रहने और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ना सिखाया। अंजली का मानना है कि आधुनिक जीवन जीने के बावजूद संस्कार व्यक्ति के व्यक्तित्व का हिस्सा बने रहते हैं।
देव शर्मा बोले- ट्रोलिंग का असर लंबे समय तक हो सकता है
फिल्म में श्री राम का किरदार निभा रहे देव शर्मा ने भी ट्रोलिंग को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का मजाक उड़ाने या उसे ट्रोल करने से पहले उसके संभावित प्रभाव के बारे में सोचना चाहिए।
देव के मुताबिक, इंसान कई बार किसी बात को उस समय मजाक में कर देता है, लेकिन उसका असर सामने वाले व्यक्ति की जिंदगी पर लंबे समय तक रह सकता है। उन्होंने कहा कि रामायण और अन्य ग्रंथों की सीख भी यही है कि इंसान को अपने कर्मों के परिणाम के बारे में सोचना चाहिए।
शील वर्मा बोले- रामायण को सुपरहीरो फिल्म की तरह नहीं बनाया
फिल्म में लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे शील वर्मा ने बताया कि फिल्म को जरूरत से ज्यादा वीएफएक्स या भव्यता के सहारे पेश करने की कोशिश नहीं की गई है। मेकर्स का फोकस रामायण की कहानी और उसके मूल भाव को सरल तरीके से दर्शकों तक पहुंचाने पर रहा है।
शील ने कहा कि फिल्म को सुपरहीरो या मार्वल जैसी शैली में पेश करने के बजाय रामायण को उसकी सादगी और मूल भावना के साथ दिखाया गया है। उनका कहना है कि दर्शकों ने बचपन से जिस रामायण की कहानी सुनी और देखी है, फिल्म में उसकी झलक देखने को मिलेगी।
25 सितंबर को रिलीज होगी फिल्म
‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ में अंजली अरोड़ा सीता, देव शर्मा श्री राम और शील वर्मा लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।




