मेयर ने कहा- महिलाओं की क्षमता पर सवाल उठाना गलत; एसोसिएशन बोली- विरोध नहीं, व्यवस्था को लेकर जताई चिंता
सेल्फ हेल्प ग्रुप को एक साल के लिए 5.51 लाख में मिला ठेका; कार पार्किंग ₹30, दोपहिया के लिए शुल्क नहीं

हिसार। शहर की प्रमुख राजगुरु मार्केट में नगर निगम की नई पार्किंग व्यवस्था को लेकर विवाद बढ़ गया है। पहली बार पार्किंग संचालन की जिम्मेदारी सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को दिए जाने के बाद मार्केट एसोसिएशन ने व्यवस्था से जुड़ी कुछ कमियों पर सवाल उठाए। इसके बाद मेयर प्रवीण पोपली ने इसे महिलाओं की क्षमता से जोड़ते हुए कहा कि मामले में गलत नैरेटिव बनाया जा रहा है।
वहीं, राजगुरु मार्केट एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र बजाज ने स्पष्ट किया कि एसोसिएशन महिलाओं को पार्किंग की जिम्मेदारी दिए जाने के खिलाफ नहीं है। उनका कहना है कि उनकी आपत्ति पार्किंग में पर्याप्त स्टाफ और व्यवस्था को लेकर है। इस मुद्दे पर एसोसिएशन की नगर निगम कमिश्नर के साथ बैठक तय है।
मेयर बोले- महिलाओं की क्षमता पर सवाल क्यों?
मेयर प्रवीण पोपली ने कहा कि जब महिलाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में बराबरी के अवसर दिए जा रहे हैं तो उनकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाएं इसरो से लेकर विमानन क्षेत्र तक विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।
मेयर के अनुसार पार्किंग व्यवस्था को लेकर जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, वह महिलाओं के सम्मान और नारी सशक्तिकरण के प्रयास को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने लोगों से नई व्यवस्था को व्यवस्थित होने के लिए कुछ समय देने की अपील की।
एसोसिएशन बोली- महिलाओं का विरोध नहीं
राजगुरु मार्केट एसोसिएशन के प्रधान सुरेंद्र बजाज ने कहा कि एसोसिएशन ने महिलाओं को पार्किंग सौंपे जाने का विरोध नहीं किया है। उनका कहना है कि पार्किंग में कर्मचारियों की संख्या को लेकर चिंता जताई गई थी।
उनके अनुसार शुक्रवार को करीब 9 महिला कर्मचारी ड्यूटी पर थीं, जबकि अगले दिन शनिवार को केवल 2 महिला कर्मचारी नजर आईं। इसी वजह से पार्किंग व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए।
एसोसिएशन और नगर निगम कमिश्नर के बीच बैठक में सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा।
पहली बार सेल्फ हेल्प ग्रुप को मिला पार्किंग ठेका
नगर निगम ने पहली बार ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के जरिए कांता सेल्फ हेल्प ग्रुप को राजगुरु मार्केट की पार्किंग का एक साल का ठेका दिया है। स्रोत के अनुसार ठेका 5.51 लाख रुपए में दिया गया है। समूह की प्रधान सीमा शर्मा हैं।
नगर निगम का कहना है कि पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं।
कार का ₹30 शुल्क, दोपहिया पार्किंग फ्री
नई व्यवस्था के तहत कार के लिए 30 रुपए प्रतिदिन पार्किंग शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि टू-व्हीलर के लिए पार्किंग शुल्क नहीं रखा गया है।
नगर निगम के नियमों के मुताबिक बिना निर्धारित ड्रेस के कर्मचारी मिलने पर 500 रुपए जुर्माना, जबकि ओवरचार्जिंग की स्थिति में 10 हजार से 20 हजार रुपए तक की पेनल्टी का प्रावधान है। नियमों का गंभीर उल्लंघन होने पर ठेका रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
अब मार्केट एसोसिएशन और नगर निगम के बीच होने वाली बैठक में पार्किंग संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की संख्या पर चर्चा होने की संभावना है।




