मेयर-सभापति चुनाव में कहीं खुशी, कहीं गम: कहीं बस रोकी गई तो कहीं पार्षदों की बाड़ाबंदी; नागौर में विधायक का छतरी डांस
अजमेर में निर्दलीयों के समर्थन से बदला समीकरण, सीकर में जिलाध्यक्ष ने बाड़ाबंदी संभाली; नागौर में रेवंतराम डांगा ने श्रद्धालुओं के बीच किया छतरी डांस

जयपुर। राजस्थान में मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष के चुनाव के दौरान कई जगह सियासी हलचल देखने को मिली। कहीं बहुमत वाले पार्षदों को नगरपालिका पहुंचाने को लेकर विवाद हुआ, तो कहीं बाड़ाबंदी के दौरान पार्षदों को अपने पाले में बनाए रखने के लिए नेता गेट पर डटे रहे। दूसरी ओर कुछ जगह जीत के बाद जश्न का माहौल रहा।
निकाय चुनाव के बाद हुए अध्यक्ष पद के चुनाव में अजमेर, पाली, सीकर और मथानिया समेत कई जगह अलग-अलग राजनीतिक तस्वीर सामने आई। वहीं नागौर में चुनावी गतिविधियों से इतर विधायक रेवंतराम डांगा धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और छतरी लेकर डांस करते नजर आए।
मथानिया में बस रोकने का आरोप
मथानिया में पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा ने आरोप लगाया कि पार्षदों को लेकर जा रही बस को नगरपालिका के गेट पर रोक दिया गया। उनका कहना था कि उनके पास बहुमत होने के बावजूद पार्षदों को अंदर जाने से रोका जा रहा है।
उन्होंने मौके से सोशल मीडिया पर लाइव भी किया और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। हालांकि बाद में पार्षद नगरपालिका पहुंचे और मतदान की प्रक्रिया पूरी हुई। अध्यक्ष पद की शपथ के बाद स्थिति सामान्य हुई।
अजमेर में निर्दलीयों के समर्थन से बदला समीकरण
अजमेर में कांग्रेस के पास 37 और भाजपा के पास 32 पार्षद थे। इसके अलावा 11 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीते थे। अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा निर्दलीय पार्षदों का समर्थन जुटाने में सफल रही और अनामिका मेयर चुनी गईं।
चुनाव के दौरान कांग्रेस के पार्षद एक जैसी ड्रेस में मतदान करने पहुंचे थे, जबकि भाजपा खेमे में जीत को लेकर आत्मविश्वास नजर आया। परिणाम आने के बाद दोनों पक्षों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
पाली में जीत के बाद जिलाध्यक्ष को कंधों पर उठाया
पाली में सभापति पद का चुनाव जीतने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को कंधों पर उठा लिया। पार्टी नेताओं ने इसे संगठन की रणनीति और टीमवर्क का परिणाम बताया।
यहां प्रदेशाध्यक्ष के लिए भी चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा था। ‘खेला’ किए जाने से जुड़े सवाल पर पार्टी की ओर से कहा गया कि यदि ऐसा करना होता तो अन्य जगहों पर भी ऐसा किया जा सकता था।
सीकर में गेट पर डटी रहीं जिलाध्यक्ष
सीकर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला लोसर नगर पालिका के कांग्रेस पार्षदों की बाड़ाबंदी के दौरान गेट पर डटी रहीं।
बताया गया कि कुछ लोग बाड़ाबंदी में मौजूद पार्षदों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान जिलाध्यक्ष और मौके पर मौजूद लोगों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई।
सुनीता गठाला ने अंदर मौजूद कांग्रेस पार्षदों को लेकर विरोध जताया और मौके से हटने से इनकार कर दिया। बाद में वह अपने पार्षद के साथ नगरपालिका पहुंचीं और अध्यक्ष पद की शपथ के दौरान भी मौजूद रहीं।
नागौर में चुनावी तनाव से दूर विधायक का छतरी डांस
नागौर में तेजाजी महाराज के मेले और धार्मिक आयोजनों के बीच खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा अलग अंदाज में नजर आए।
खींवसर से मुंदियाड़ जा रहे गजानंद महाराज के पैदल संघ के श्रद्धालुओं से मुलाकात के दौरान उन्हें नीली-सफेद छतरी मिली। इसके बाद उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच छतरी लेकर डांस किया।
इसके बाद उन्होंने हैसाबा के भोमिया जी धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की। फिर मुंदियाड़ से खरनाक तक आयोजित साइकिल दौड़ प्रतियोगिता को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मौके पर एक साइकिल मिलने के बाद विधायक खुद भी साइकिल चलाते नजर आए।
एक ओर राज्य के कई निकायों में मेयर और सभापति चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं, वहीं नागौर में विधायक रेवंतराम डांगा धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सहज अंदाज में दिखाई दिए।




