व्यवस्थाओं की खुली पोल: विसर्जन स्थल पर डेढ़ फीट ही पानी, पानी के ऊपर दिखती रहीं गणेश प्रतिमाएं
उज्जैन में गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए नगर निगम की तैयारियों पर सवाल; केडी पैलेस के पास नदी में सिर्फ डेढ़ फीट पानी, कई प्रतिमाएं पूरी तरह विसर्जित नहीं हो सकीं, मंगलनाथ पुल पर बड़ी प्रतिमाएं रोकने से विवाद

उज्जैन। गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठे हैं। निगम की ओर से तय विसर्जन स्थल पर नदी में पानी कम होने के कारण कई छोटी प्रतिमाएं भी पूरी तरह विसर्जित नहीं हो सकीं। पानी की सतह पर प्रतिमाएं दिखाई देती रहीं।
मंगलनाथ पुल पर बड़ी प्रतिमाएं रोकने से विवाद
पारंपरिक विसर्जन स्थल मंगलनाथ मंदिर के नए पुल पर बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन को रोका गया। इससे आयोजकों और श्रद्धालुओं में नाराजगी की स्थिति बनी। पुलिस के पहुंचने के बाद क्रेन की मदद से गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कराया गया।
नगर निगम ने केडी पैलेस के पास नदी में प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था की थी। यहां क्रेन सहित अन्य इंतजाम किए गए थे, लेकिन नदी में करीब डेढ़ फीट ही पानी होने के कारण विसर्जन को लेकर परेशानी सामने आई।
छोटी प्रतिमाएं भी पानी में पूरी तरह नहीं डूबीं
कम पानी के कारण कई छोटी गणेश प्रतिमाएं भी पूरी तरह पानी में नहीं डूब पाईं। प्रतिमाओं के पानी की सतह पर दिखाई देने के बाद निगम की विसर्जन व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए।
देवास के तालाब में भी पर्याप्त पानी नहीं
देवास के कालूखेड़ी तालाब में भी प्रतिमा विसर्जन के लिए व्यवस्था की गई थी। कम बारिश के कारण तालाब में पर्याप्त पानी नहीं है और वहां कचरा भी जमा बताया गया। शुक्रवार रात विसर्जित की गई बड़ी प्रतिमाएं शनिवार सुबह पानी की सतह पर तैरती नजर आईं।




