सिरसा के बाहिया गांव में एक साथ जलीं 3 चिताएं, तीन महिलाओं की मौत से पसरा मातम; सरपंच प्रतिनिधि बोले- पहली बार देखा ऐसा दृश्य
सिरसा के रानियां क्षेत्र के बाहिया गांव में 95, 70 और करीब 52 वर्षीय तीन महिलाओं का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार, गांव में पहली बार एक साथ जलीं तीन चिताएं, शोक में डूबे ग्रामीण।

सिरसा | रानियां: हरियाणा के सिरसा जिले के रानियां क्षेत्र स्थित बाहिया गांव में एक ही दिन तीन महिलाओं की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। गुरुवार को तीनों महिलाओं का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। श्मशान घाट पर एक साथ तीन चिताएं जलती देखकर ग्रामीण भावुक हो गए। गांव के लोगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत महिलाओं को श्रद्धांजलि दी।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक महिलाओं की उम्र करीब 95 वर्ष, 70 वर्ष और 52 वर्ष थी। बताया गया है कि तीनों महिलाएं लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। अलग-अलग समय पर हुई इन मौतों के बाद तीनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया, जिससे गांव में गमगीन माहौल बन गया।
95 वर्षीय विद्या देवी का निधन
मृतकों में सबसे बुजुर्ग विद्या देवी थीं, जिनकी उम्र करीब 95 वर्ष बताई गई है। वह तुलसा राम खिचड़ की पत्नी थीं और उनके तीन बेटे शंकर, बलराम और पाला राम हैं। परिजनों के अनुसार, उम्र अधिक होने के कारण पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही थी।
लंबे समय से बीमार थीं रामेती देवी
दूसरी मृतका रामेती देवी थीं, जिनकी उम्र करीब 70 वर्ष थी। वह बलराम सहारण की पत्नी थीं। जानकारी के अनुसार, वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं और बुधवार रात उनका निधन हो गया। उनके दो बेटे हैं।
रणजीत कौर की मौत से परिवार में शोक
तीसरी मृतका रणजीत कौर थीं, जिनके पति का नाम दीप चंद बताया गया है। उनकी उम्र करीब 52 वर्ष थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें अचानक सांस लेने में परेशानी हुई और उनका निधन हो गया। उनके परिवार में दो बेटे हैं।
गांव में पहली बार एक साथ जलीं तीन चिताएं
बाहिया गांव के सरपंच प्रतिनिधि ने बताया कि तीन महिलाओं की एक ही दिन मौत होने से पूरे गांव में शोक का माहौल है। इस दुख की घड़ी में ग्रामीण तीनों परिवारों के साथ खड़े हैं।
उन्होंने बताया कि करीब चार हजार से अधिक आबादी वाले गांव में पहले भी एक या दो लोगों की मौत एक ही समय के आसपास हुई है, लेकिन तीन महिलाओं का एक साथ अंतिम संस्कार होना गांव में पहली बार देखने को मिला है।
एक साथ तीन चिताएं जलने का दृश्य ग्रामीणों के लिए बेहद भावुक करने वाला रहा। लोगों ने दिवंगत महिलाओं को श्रद्धांजलि देते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि ऐसा दुख किसी अन्य परिवार को न सहना पड़े।




