भारतीय मूल के अनिल मेनन ने 6.5 घंटे की पहली स्पेसवॉक की, ISS पर सोलर पैनल का नया फ्रेम लगाया
ISS पर सोलर पैनल का नया फ्रेम लगाया

नासा के अनुसार, स्पेस स्टेशन पर कुल 8 नए iROSA सोलर पैनल लगाए जाने हैं। इनमें से 6 पहले ही लगाए जा चुके हैं, जबकि शेष 2 पैनल इस वर्ष के अंत तक ISS पर पहुंचेंगे। नए पैनल पुराने सोलर पैनलों के साथ मिलकर काम करेंगे, जिससे बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 30% तक बढ़ जाएगी।281वीं स्पेसवॉकयह मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की 281वीं और नासा की 96वीं स्पेसवॉक था। इसका उद्देश्य स्टेशन के पावर सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाना है।चांद और मंगल पर भी हुई चर्चास्पेसवॉक के दौरान जेसिका मीर ने अनिल मेनन का ध्यान अंतरिक्ष से दिखाई दे रहे चांद की ओर दिलाया। इस पर अनिल ने कहा कि उन्हें वहां भविष्य में बनने वाला मानव मून बेस दिखाई देता है। दोनों अंतरिक्ष यात्रियों ने भविष्य में मंगल ग्रह पर मानव मिशन की संभावनाओं पर भी चर्चा की।अगस्त में होंगी दो और स्पेसवॉकनासा के कार्यक्रम के अनुसार, इस महीने ISS पर दो और स्पेसवॉक होंगी—13 अगस्त: स्टेशन के एंटीना को बदला जाएगा।25 अगस्त: बिजली की केबल, नेविगेशन लाइट और संबंधित सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा।यह मिशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ऊर्जा क्षमता बढ़ाने और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की तैयारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है



