बड़सर के निश्चल पटियाल बने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर, गांव में जश्न का माहौल
बेंगलुरु में पूरी की फ्लाइंग ऑफिसर की ट्रेनिंग, नॉन-मेडिकल से 12वीं और चंडीगढ़ से बीटेक के बाद हासिल की बड़ी उपलब्धि; CM सुक्खू, अनुराग ठाकुर और विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने दी बधाई

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बड़सर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत पाहलू के रहने वाले निश्चल पटियाल ने अपनी मेहनत और लगन से भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर बनकर क्षेत्र और परिवार का नाम रोशन किया है। निश्चल पटियाल ने बेंगलुरु में फ्लाइंग अफसर की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर के पद पर नियुक्ति हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव पाहलू में खुशी का माहौल बन गया और परिवार, रिश्तेदारों तथा ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। निश्चल की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने तकनीकी शिक्षा के साथ अपने लक्ष्य पर लगातार मेहनत करते हुए वायु सेना में अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है। निश्चल पटियाल की नियुक्ति पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। जनप्रतिनिधियों ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि वह भारतीय वायु सेना में अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे। निश्चल के परिवार की बात करें तो उनके पिता बलवंत सिंह पटियाल नागपुर स्थित तुल्ली इंटरनेशनल होटल में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत रहे और सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि उनकी माता सरिता कुमारी राजकीय उच्च विद्यालय बैरी में अध्यापिका के रूप में सेवाएं दे रही हैं। परिवार में शिक्षा और अनुशासन के वातावरण ने निश्चल की पढ़ाई और करियर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। निश्चल ने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान भी तकनीकी और विज्ञान विषयों में रुचि बनाए रखी। उन्होंने अर्यान पब्लिक स्कूल भोटा से 12वीं कक्षा की पढ़ाई नॉन-मेडिकल स्ट्रीम से पूरी की। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ से बीटेक की डिग्री हासिल की और आगे भारतीय वायु सेना में अधिकारी बनने की दिशा में तैयारी जारी रखी। तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद फ्लाइंग ऑफिसर की ट्रेनिंग हासिल करना उनकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। बेंगलुरु में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जब उन्हें भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर के पद पर नियुक्त किया गया तो परिवार के साथ-साथ उनके शिक्षण संस्थान में भी खुशी की लहर दौड़ गई। अर्यान पब्लिक स्कूल भोटा के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर शर्मा ने भी निश्चल पटियाल को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार ने उनकी सफलता को विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बताते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य के साथ युवा किसी भी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। निश्चल की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय वायु सेना में अधिकारी के रूप में चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया कठिन मानी जाती है तथा इसके लिए शैक्षणिक योग्यता के साथ शारीरिक फिटनेस, मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता की भी आवश्यकता होती है। बड़सर क्षेत्र से भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग अफसर के रूप में उनकी नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर भी युवाओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। गांव के लोगों के लिए यह गर्व का विषय है कि उनके बीच से निकला एक युवा देश की रक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनकर भारतीय वायु सेना में अपनी सेवाएं देगा। परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों का कहना है कि निश्चल ने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है और उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के युवाओं को सेना तथा रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगी। फ्लाइंग अफसर के रूप में नियुक्ति के बाद निश्चल के सामने अब भारतीय वायु सेना में नई जिम्मेदारियां और चुनौतियां होंगी। उनके परिवार को उम्मीद है कि वह अपने कर्तव्यों को पूरी ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ निभाते हुए देश की सेवा करेंगे। निश्चल पटियाल की सफलता ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि छोटे शहरों और गांवों से निकलने वाले युवा भी अपने दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं। उनकी इस उपलब्धि पर पाहलू गांव में बधाइयों का सिलसिला जारी है और परिवार, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्रवासियों ने उनके आगामी सैन्य करियर के लिए शुभकामनाएं दी हैं।




