DUSU चुनाव 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के लिए वोटिंग शुरू; 18 सितंबर को मतदान, 19 को आएंगे नतीजे
DUSU Election 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में वोटिंग शुरू, 19 सितंबर को नतीजे

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इस चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार केंद्रीय पदों के लिए उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान के बाद 19 सितंबर को मतगणना और नतीजे घोषित किए जाने हैं।
इस साल चुनाव में 20 उम्मीदवार चार प्रमुख पदों के लिए मैदान में हैं—अध्यक्ष पद के लिए 7, उपाध्यक्ष के लिए 5 तथा सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए 4-4 उम्मीदवार हैं।
ABVP और NSUI के प्रमुख उम्मीदवार
इस चुनाव में ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास और उपाध्यक्ष पद के लिए ईशू मौर्या को उम्मीदवार बनाया है। उसके पैनल में सचिव पद के लिए रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद के लिए लक्ष्य राज सिंह भी शामिल हैं।
NSUI की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विजय शंकर मीणा हैं। उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ मैदान में हैं। NSUI के चारों केंद्रीय पदों के उम्मीदवारों में बौद्ध अध्ययन के विद्यार्थी भी शामिल हैं।
अध्यक्ष पद के लिए कुल सात उम्मीदवार और उपाध्यक्ष पद के लिए पांच उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, इसलिए मुकाबला केवल दो संगठनों के उम्मीदवारों तक सीमित नहीं है।
छात्र सुरक्षा और हॉस्टल बना बड़ा चुनावी मुद्दा
इस बार DUSU चुनाव में छात्र आवास, हॉस्टल की उपलब्धता, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।
सितंबर में सत्य निकेतन में एक निजी हॉस्टल की इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें पांच DU छात्र थे। इस घटना के बाद सुरक्षित और किफायती छात्र आवास का मुद्दा चुनाव प्रचार में प्रमुखता से उठा।
अलग-अलग छात्र संगठनों ने हॉस्टल क्षमता बढ़ाने, छात्र सुरक्षा और किराये/PG से जुड़ी समस्याओं को लेकर अपनी-अपनी मांगें और प्रस्ताव सामने रखे हैं।
चुनाव से पहले हिंसा और प्रचार नियमों पर हाईकोर्ट सख्त
DUSU चुनाव से ठीक पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव प्रचार के दौरान नियमों के उल्लंघन पर गंभीर चिंता जताई।
17 सितंबर की सुनवाई में अदालत ने DU प्रशासन और दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी। अदालत के सामने बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों से प्रचार, कैंपस में पोस्टर-बैनर से गंदगी, सड़कों पर काफिले और हिंसा से जुड़े आरोप रखे गए थे।
कोर्ट ने कहा कि यदि अधिकारियों की कार्रवाई संतोषजनक नहीं मिली तो वह चुनाव प्रक्रिया को लेकर कड़े निर्देश जारी कर सकता है। हालांकि उस समय अदालत ने चुनाव को स्थगित नहीं किया था।
राजनीतिक संगठनों से जुड़ाव पर भी हुई सुनवाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 सितंबर को यह भी स्पष्ट किया कि किसी राजनीतिक दल से जुड़े छात्र संगठन की सदस्यता मात्र से उम्मीदवार को उस राजनीतिक दल का औपचारिक सदस्य नहीं माना जा सकता।
साथ ही अदालत ने DU प्रशासन और मुख्य चुनाव अधिकारी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि चुनाव राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप से मुक्त रहें और निर्धारित चुनावी नियमों का पालन हो।
इस बार 20 उम्मीदवार मैदान में
DUSU चुनाव में इस बार अलग-अलग छात्र संगठनों और स्वतंत्र उम्मीदवारों की मौजूदगी है। उम्मीदवारों में खेल पृष्ठभूमि वाले विद्यार्थी, दृष्टिबाधित छात्र और लद्दाख से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार भी शामिल हैं।
इस चुनाव में छात्र सुरक्षा, आवास, परिवहन, कैंपस सुविधाएं और छात्र कल्याण जैसे मुद्दे चर्चा में हैं।
पिछला चुनाव: 2025 में ABVP ने तीन पद जीते थे
2025 के DUSU चुनाव में ABVP ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की थी, जबकि एक पद NSUI के खाते में गया था। 2026 का चुनाव उस पृष्ठभूमि में हो रहा है, लेकिन इस बार परिणाम का फैसला मतदान और मतगणना के बाद ही होगा।
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