राजस्थान में मानसून की आखिरी बारिश का असर, डैम ओवरफ्लो से लेकर फसल खराब होने तक
राजस्थान में मानसून की आखिरी बारिश: डूंगरपुर में डैम ओवरफ्लो, सलूंबर में पुल डूबा, टोंक में फसल खराब

राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले बारिश का दौर फिर सक्रिय हो गया है। उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर और चित्तौड़गढ़ समेत कई जिलों में गुरुवार रात से शुक्रवार तक रुक-रुककर बारिश हुई। तेज बारिश के कारण कहीं नदी-नाले उफान पर आ गए तो कहीं बांधों और तालाबों में पानी की आवक बढ़ गई।
दूसरी ओर टोंक में खेतों में कटी फसल बारिश के पानी से खराब होने की सूचना है। कोटा रेलवे स्टेशन पर बारिश के दौरान बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट होने से आग भी लग गई।
डूंगरपुर में बांध पर चली पानी की चादर
डूंगरपुर जिले के आसपुर क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ गया। पूंजपुर का पुंजेला बांध भरने के बाद उस पर करीब एक फीट पानी की चादर चलने लगी।
क्षेत्र के मोवाई का माइयाला तालाब, खलील का हरियाला खेड़ा और आसपुर का गमेंला तालाब भी ओवरफ्लो होने की जानकारी सामने आई है। कुछ अन्य बांधों में भी पानी की आवक बढ़ी है।
गमेंला तालाब का जलस्तर बढ़ने के कारण रास्ता बंद होने की स्थिति बनी।
सलूंबर में पुल के ऊपर से बहने लगा पानी
सलूंबर जिले के झल्लारा क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद सरनी नदी का बहाव तेज हो गया। नदी का पानी पुल के ऊपर से गुजरने लगा, जिसके बाद प्रशासन ने वहां यातायात रोक दिया।
प्रशासन ने लोगों से नदी और पुल के तेज बहाव वाले हिस्सों को पार नहीं करने तथा सावधानी बरतने की अपील की।
चित्तौड़गढ़ में झरने का बहाव तेज
चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा क्षेत्र में देर रात शुरू हुई बारिश शुक्रवार सुबह तक जारी रही। बारिश के बाद ब्राह्मणी नदी का जलस्तर बढ़ गया।
नदी से जुड़े डब्को झरने में भी पानी का बहाव तेज हो गया। आसपास के इलाकों में जलस्तर बढ़ने से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बनी रही।
टोंक में कटी फसल को नुकसान
टोंक जिले में गुरुवार रात हुई बारिश से किसानों को नुकसान की सूचना है। सोप क्षेत्र में खेतों में कटी हुई फसल पानी की चपेट में आ गई।
दिवाली और खरीफ सीजन से पहले हुई बारिश के बीच खेतों में रखी कटी फसल खराब होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
कोटा रेलवे स्टेशन पर शॉर्ट सर्किट से आग
कोटा जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर गुरुवार रात बारिश के दौरान बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके बाद पैनल में आग लग गई।
जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट के दौरान करीब 10 मिनट तक धमाके जैसी आवाजें सुनाई देती रहीं। इसके बाद बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और आग पर काबू पा लिया गया।
घटना के कारण कुछ समय के लिए स्टेशन पर दहशत का माहौल रहा।
जयपुर में भी तेज बारिश
राजधानी जयपुर में गुरुवार शाम करीब 4 बजे के बाद तेज बारिश हुई। शहर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार जयपुर एयरपोर्ट क्षेत्र में एक घंटे में 38 एमएम और जेएलएन मार्ग पर 55 एमएम बारिश दर्ज की गई। जालसू और चौमूं के ग्रामीण क्षेत्रों में भी करीब एक-एक इंच बारिश हुई।
उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश जारी
उदयपुर शहर में सुबह से रिमझिम से लेकर तेज बारिश का दौर देखने को मिला। हिरणमगरी, सेवाश्रम और ठोकर चौराहा सहित कुछ क्षेत्रों में सड़क पर पानी जमा हुआ।
सलूंबर क्षेत्र में सराड़ा में 132 एमएम, सेमारी में 129 एमएम, झल्लारा में 118 एमएम, सलूंबर में 114 एमएम और लसाड़िया में 58 एमएम बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई।
सीकर में जलभराव, अजमेर-अलवर में भी बारिश
सीकर में दोपहर से शाम तक तेज बारिश हुई। कई स्थानों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और कुछ जगहों पर जाम की स्थिति बनी।
अजमेर में पहले रिमझिम और बाद में तेज बारिश हुई। अलवर में भी दिनभर बादल छाए रहे और शाम को हल्की बारिश हुई।
जोधपुर में भी बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई। वहीं जैसलमेर के मोहनगढ़ में लंबे समय बाद बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
बारिश के साथ तापमान में गिरावट
राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश और हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कुछ शहरों में अधिकतम तापमान 2 से 7 डिग्री तक नीचे आया।
मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, हालांकि जलभराव, यातायात और किसानों की फसलों से जुड़ी परेशानियां भी सामने आईं।
राज्य में मानसून की विदाई का चरण शुरू होने की संभावना के बीच अंतिम दौर की बारिश कई क्षेत्रों में जलस्रोतों के लिए फायदेमंद रही, जबकि कुछ इलाकों में खेतों और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर भी पड़ा।
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