दिशा सालियान केस पर उद्धव ठाकरे का बयान: बोले- हमारे परिवार का कोई संबंध नहीं, बेवजह चरित्रहनन हुआ तो कानूनी कार्रवाई करूंगा
दिशा सालियान केस पर उद्धव ठाकरे बोले- परिवार का कोई संबंध नहीं, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

दिशा सालियान की मौत की CBI जांच शुरू होने के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मामले में अपने और परिवार के नाम का जिक्र किए जाने पर आपत्ति जताई है। छत्रपति संभाजीनगर में उन्होंने कहा कि उनका दिशा सालियान से कोई संबंध नहीं था और अगर उनके परिवार को इस मामले में लगातार बदनाम किया गया तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगे।
उद्धव ठाकरे ने मामले को राजनीतिक उद्देश्य से जोड़ते हुए कहा कि उनका परिवार लंबे समय तक इसलिए चुप रहा क्योंकि मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई थी। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक उन्होंने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं करने का फैसला किया था।
‘मैं दिशा को जानता तक नहीं था’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह दिशा सालियान को नहीं जानते थे और उनसे कभी मुलाकात भी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद उनका नाम मामले से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस तरह का कथित चरित्रहनन जारी रहा तो वह किसी से सलाह लिए बिना कानूनी कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे। यह उद्धव ठाकरे का अपना बयान है; मामले की जांच अभी जारी है।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI जांच
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। कोर्ट ने पिछली पुलिस जांच में विसंगतियों का उल्लेख करते हुए CBI को FIR दर्ज करने और जांच अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद CBI ने दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया और 14 सितंबर को मामले में FIR दर्ज की। FIR में लगाए गए आरोपों की जांच अभी शुरुआती चरण में है।
सतीश सालियान ने क्या आरोप लगाए हैं?
दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपनी याचिका और बाद में CBI को दिए बयान में उनकी बेटी की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके वकील ने अदालत में कथित गैंगरेप, हत्या और मामले को दबाने की कोशिश जैसे आरोपों का उल्लेख किया था।
इन आरोपों की जांच अब CBI कर रही है। इन आरोपों को अदालत या जांच एजेंसी द्वारा अंतिम रूप से साबित किया हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।
पहले पुलिस ने मौत को आत्महत्या माना था
दिशा सालियान की जून 2020 में मुंबई के मलाड स्थित एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। शुरुआती पुलिस जांच में इसे आत्महत्या माना गया था और किसी आपराधिक साजिश के सबूत नहीं मिलने की बात कही गई थी।
दिसंबर 2023 में महाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT गठित की थी। उस जांच में भी आत्महत्या के निष्कर्ष को बदला नहीं गया था। बाद में दिशा के पिता ने स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया।
CBI FIR में नाम आने का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं
मामले में कई सार्वजनिक हस्तियों के नाम चर्चा में आए हैं। हालांकि, बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि किसी व्यक्ति को पर्याप्त जांच सामग्री के बिना आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
इसलिए CBI की FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
CBI जांच शुरू होने के बाद मामले ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा तेज कर दी है। उद्धव ठाकरे के बयान से पहले उनके बेटे आदित्य ठाकरे भी दिशा सालियान को जानने या उनसे मिलने से इनकार कर चुके हैं। उन्होंने मामले में लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की बात कही थी।
अब CBI की जांच में सामने आने वाले साक्ष्य यह तय करेंगे कि मामले में आगे किन लोगों की भूमिका की जांच की जाती है और आरोपों पर क्या कानूनी निष्कर्ष निकलता है।
हमारे मठ
हम बोलते हैं सच, बिना डर
RNI NO. HARHIN/2023/90591


