ड्राईफ्रूट समझकर जहरीला फल खा गए बच्चे, 2 ICU में
ग्वालियर में 10 बच्चों की तबीयत बिगड़ी; भंडारे से लौटते समय रतनजोत का फल खाया, 8 बच्चे PICU में भर्ती

ग्वालियर। मुरार ब्लॉक के सिरसौद गांव में रविवार शाम रतनजोत का फल खाने से 10 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चे भागवत कथा और भंडारे से लौट रहे थे। रास्ते में खेत के किनारे रतनजोत का पौधा देखकर उन्होंने उसके फल को ड्राईफ्रूट समझ लिया और आपस में बांटकर खा लिया।
घर पहुंचने के कुछ देर बाद बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। परिजन उन्हें जिला अस्पताल मुरार लेकर पहुंचे, जहां से सभी को जयारोग्य अस्पताल (JAH) समूह के कमला राजा अस्पताल (KRA) रेफर किया गया।
8 बच्चे PICU, 2 ICU में भर्ती
अस्पताल में पूजा (11), आरती (9), दीक्षा (12), प्रवीण (10), दिव्या (8), सुमित (8), गौरव (5) और तनु (9) को PICU में भर्ती किया गया है।
वहीं हरिओम (15) और सेजल (14) की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें न्यू जेएएच के ICU में रखा गया है। गांव से तीन अन्य बच्चों को भी अस्पताल लाए जाने की जानकारी सामने आई है।
डॉक्टर बोले- रतनजोत का फल जहरीला
वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. घनश्याम दास के मुताबिक रतनजोत का फल जहरीला होता है। इसके सेवन से शरीर में टॉक्सिसिटी हो सकती है, जिससे उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या हो सकती है।
बच्चों के जहरीला फल खाने की जानकारी मिलने पर डॉ. घनश्याम दास कमला राजा अस्पताल पहुंचे और भर्ती बच्चों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों की टीम को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
जिला अस्पताल से सीधे रेफर करने पर परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों का आरोप है कि जब वे बच्चों को लेकर जिला अस्पताल मुरार की इमरजेंसी में पहुंचे तो प्राथमिक उपचार देने के बजाय उन्हें कमला राजा अस्पताल रेफर कर दिया गया।
परिजनों का कहना है कि बच्चों की हालत खराब थी, इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया जाना चाहिए था। हालांकि, जिला अस्पताल की ओर से इस आरोप पर फिलहाल कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
डॉक्टरों ने दी अनजान फल-बीज से बचने की सलाह
डॉक्टरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को अनजान पेड़-पौधों के फल या बीज खाने से रोकें। किसी अज्ञात फल या बीज का सेवन करने के बाद तबीयत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।




