एमपी में रिकॉर्ड बारिश: मंदसौर के मल्हारगढ़ में 6 इंच पानी, 37 जिलों में अब भी बारिश का कोटा अधूरा
मंदसौर के मल्हारगढ़ में 6 इंच बारिश, प्रदेश में अब तक 32.8 इंच पानी; अगले 4 दिन भारी बारिश का अनुमान नहीं

15 दिन मानसून बाकी, प्रदेश में अब तक 32.8 इंच बारिश; आलीराजपुर में सामान्य से 49% तक कम पानी, निवाड़ी में 49% ज्यादा
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के आखिरी दौर में बारिश का सिलसिला जारी है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के करीब 165 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। मंदसौर के मल्हारगढ़ में सबसे ज्यादा 6 इंच पानी गिरा। मंदसौर में अति भारी, जबकि आगर-मालवा में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके बावजूद प्रदेश के 37 जिलों में अभी बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसूनी सीजन समाप्त होने में करीब 15 दिन बाकी हैं और अगले चार दिनों में प्रदेश में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश का अनुमान नहीं है।
40 जिलों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में प्रदेश के सभी 40 जिलों में कहीं न कहीं बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहा।
मंदसौर के मल्हारगढ़ में 6 इंच, आगर-मालवा के सोयतकलां में 3 इंच, मंदसौर के सुवासरा में 2.25 इंच और आगर-मालवा के बड़ौद में करीब 1.5 इंच बारिश हुई।
बारिश वाले जिलों में इंदौर, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, मैहर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, रीवा और श्योपुर शामिल हैं।
आज से कमजोर होगा बारिश का सिस्टम
IMD भोपाल के अनुसार 15 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और दायरा धीरे-धीरे कम होगा। अगले चार दिनों में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश का पूर्वानुमान नहीं है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज तो कुछ जगह हल्की बारिश हो सकती है। पिछले चार दिनों से पश्चिमी हिस्से में सक्रिय बारिश का दौर अब कमजोर पड़ रहा है।
प्रदेश में अब तक 32.8 इंच बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 834.4 मिमी यानी 32.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक करीब 886.6 मिमी यानी 34.9 इंच बारिश होती है।
इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 6% कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में कमी लगभग 1% और पश्चिमी हिस्से में करीब 11% है।
हालांकि पिछले एक सप्ताह की बारिश से स्थिति में काफी सुधार हुआ है। कई जिलों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात भी बने हैं।
पूर्वी एमपी में ज्यादा बारिश, पश्चिमी हिस्सा पिछड़ा
मौसम विभाग के अनुसार इस मानसून में पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में अपेक्षाकृत अच्छी बारिश हुई है।
निवाड़ी में सामान्य से 49% ज्यादा, मऊगंज में 44%, सतना में 34% और मैहर में 29% अधिक बारिश दर्ज की गई है।
इंच के हिसाब से देखें तो मऊगंज में 54.9 इंच बारिश हुई है, जबकि सतना में भी 50 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है।
इसके उलट इंदौर संभाग का आलीराजपुर सबसे पिछड़े जिलों में है, जहां अब तक करीब 16 इंच बारिश हुई है।
दीवार गिरने से 9 साल की बच्ची की मौत
रतलाम के नामली थाना क्षेत्र के रुघनाथगढ़ गांव में तेज बारिश के दौरान कच्चे मकान की दीवार गिर गई। हादसा सोमवार शाम करीब 5:30 बजे हुआ।
मलबे में दो बच्चियां दब गईं। हादसे में 9 साल की यंशिका चौहान की मौत हो गई। वहीं 12 साल की प्रीति और 65 वर्षीय मांगूबाई घायल हो गईं।
दीवार गिरने से पास के एक दूसरे मकान का छज्जा और ऊपरी हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके मलबे में मांगूबाई दब गईं। ग्रामीणों और परिजनों ने घायलों को रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
इन 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से अधिक बारिश हुई है। इनमें:
अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
32 जिलों में 2% से 49% तक कमी
पूर्वी हिस्से के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में करीब 2% से 25% तक कमी दर्ज की गई है।
पश्चिमी हिस्से में आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 2% से 49% तक कम बारिश हुई है।
जून में कमी, जुलाई-अगस्त ने संभाला आंकड़ा
मानसून की शुरुआत में जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश बढ़ने से यह कमी कम हुई। इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया और कई दिनों तक बारिश कमजोर रही।
अगस्त और जुलाई में अच्छी बारिश के कारण दोनों महीनों का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे सीजन में अब तक करीब 6% बारिश कम है।
भोपाल में सितंबर की बारिश का पुराना रिकॉर्ड
भोपाल में सितंबर की सामान्य बारिश करीब 7 इंच है। शहर में पिछले कुछ वर्षों से सितंबर में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की जा रही है।
सितंबर 1961 में पूरे महीने में 30 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं 2 सितंबर 1947 को 24 घंटे में 9.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी।
इंदौर में सितंबर में 30 इंच बारिश का रिकॉर्ड
इंदौर में सितंबर महीने में अब तक का रिकॉर्ड करीब 30 इंच बारिश का है, जो 1954 में दर्ज हुआ था। 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में करीब पौने 7 इंच बारिश हुई थी।
ग्वालियर में 1990 में 25 इंच से ज्यादा बारिश
ग्वालियर में सितंबर 1990 में 647 मिमी यानी करीब 25.5 इंच बारिश हुई थी। यह सितंबर की मासिक बारिश का रिकॉर्ड बताया गया है।
7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में करीब 12.5 इंच बारिश हुई थी। सितंबर में ग्वालियर की सामान्य बारिश लगभग 6 इंच है।
जबलपुर में 24 घंटे में 8.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड
जबलपुर में 20 सितंबर 1926 को 24 घंटे में करीब 8.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इसी साल सितंबर में पूरे महीने करीब 32 इंच बारिश हुई थी।
जबलपुर में सितंबर की सामान्य बारिश करीब 8.5 इंच है और औसतन 10 दिन बारिश होती है।
उज्जैन में सितंबर की बारिश ने बनाया रिकॉर्ड
उज्जैन में सितंबर की सामान्य बारिश करीब 6.75 इंच है। सितंबर 1961 में यहां करीब 43 इंच पानी गिरा था।
27 सितंबर 1961 को 24 घंटे में करीब 5.5 इंच बारिश हुई थी। पिछले दो वर्षों से सितंबर में उज्जैन में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की जा रही है।




