MLC चुनाव: PK ने इन 5 चेहरों को क्यों चुना?
जन सुराज ने 8 में से 5 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए; शिक्षक, स्नातक और पूर्व MLC को मौका, पार्टी ने शिक्षा-रोजगार और स्थानीय मुद्दों पर फोकस का दावा किया

पटना। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने 5 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए हैं। इनमें तीन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। तीन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा अभी बाकी है।
पार्टी ने डॉ. सुरेश प्रसाद राय, रवींद्र कुमार यादव, अफाक अहमद, डॉ. दिव्या ज्योति और डॉ. रजनीश रंजन को मैदान में उतारा है।
1. डॉ. सुरेश प्रसाद राय: शिक्षक संगठन का अनुभव
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. सुरेश प्रसाद राय को टिकट दिया गया है। वे शिक्षा और शिक्षक संगठनों से जुड़े रहे हैं। खबर के मुताबिक, वे बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष और भाजपा के शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक भी रह चुके हैं।
2020 में उन्होंने दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और रनर-अप रहे थे। सितंबर की शुरुआत में वे जन सुराज में शामिल हुए।
पार्टी के अनुसार, शिक्षक संगठनों से जुड़ा अनुभव और क्षेत्र में पुराना चुनावी संपर्क उनके चयन के प्रमुख आधार रहे।
2. रवींद्र कुमार यादव: स्नातक मतदाताओं पर फोकस
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रवींद्र कुमार यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। खबर के अनुसार, उनका फोकस शिक्षा, रोजगार और क्षेत्रीय मुद्दों पर रहा है।
जन सुराज ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में रोजगार के मुद्दे को प्रमुखता देने की बात कही है। प्रशांत किशोर की ओर से जीत की स्थिति में 10 हजार बेरोजगार स्नातकों को रोजगार देने का दावा भी किया गया है।
3. अफाक अहमद: मौजूदा MLC पर दोबारा भरोसा
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अफाक अहमद को फिर मैदान में उतारा गया है। वे पहले शिक्षक रहे हैं और करीब 32 साल तक बेतिया के आमना उर्दू हाई स्कूल में सेवा देने की बात कही गई है।
2023 में वे सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद पहुंचे थे। खबर के मुताबिक, उस चुनाव में उन्हें प्रशांत किशोर का समर्थन मिला था।
जन सुराज ने उनके शिक्षक समुदाय से संपर्क और पिछले चुनाव का अनुभव देखते हुए फिर टिकट दिया है।
4. डॉ. दिव्या ज्योति: शिक्षक आंदोलन से जुड़ी पहचान
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. दिव्या ज्योति उम्मीदवार हैं। वे चाणक्य कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी हैं और चाणक्य फाउंडेशन से भी जुड़ी रही हैं।
खबर के मुताबिक, वे बालिका शिक्षा, शिक्षक सम्मान और शिक्षकों के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। जन सुराज में शामिल होने से पहले भी वे पटना शिक्षक सीट से चुनाव की तैयारी कर रही थीं।
5. डॉ. रजनीश रंजन: कोसी और रोजगार के मुद्दों पर फोकस
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. रजनीश रंजन को टिकट दिया गया है। सहरसा से जुड़े रजनीश रंजन खुद को ‘कोसी पुत्र’ बताते हैं।
वे टिकट की घोषणा से पहले से ही क्षेत्र में जनसंपर्क कर रहे थे। खबर के अनुसार, उन्होंने बेरोजगार स्नातकों के लिए ब्याजमुक्त लोन, परीक्षा कैलेंडर, सुरक्षा बीमा और कैशलेस इलाज जैसे मुद्दे उठाए हैं।
पांचों उम्मीदवारों में क्या पैटर्न?
खबर के अनुसार, जन सुराज की पहली सूची में शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से सीधे जुड़े चेहरों को प्राथमिकता दिखाई देती है।
शिक्षक सीटों पर शिक्षा क्षेत्र से जुड़े चेहरे: दरभंगा से एसपी राय, सारण से अफाक अहमद और पटना से दिव्या ज्योति शिक्षक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं।
अनुभव और नए चेहरों का मिश्रण: अफाक अहमद को विधान परिषद का पिछला अनुभव है, जबकि दिव्या ज्योति और रजनीश रंजन अपेक्षाकृत नए राजनीतिक चेहरे के तौर पर सामने आए हैं। एसपी राय के पास शिक्षक संगठन और चुनाव लड़ने का अनुभव है।
शिक्षा और रोजगार पर जोर: उम्मीदवारों के चयन और उनके सार्वजनिक मुद्दों में शिक्षा, रोजगार और शिक्षक हित जैसे विषय प्रमुख बताए गए हैं।
स्थानीय फीडबैक से चयन का दावा
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के अनुसार, उम्मीदवारों के चयन से पहले स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से राय ली गई। संभावित प्रत्याशियों को बुलाकर सवाल-जवाब किए गए और इसके बाद नाम कोर कमेटी के सामने रखे गए।
पार्टी का दावा है कि एक उम्मीदवार के नाम पर करीब पांच घंटे तक चर्चा हुई। हालांकि, यह चयन प्रक्रिया पार्टी की ओर से बताया गया विवरण है।
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