बिहार में बारिश का अलर्ट, 11 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; कोसी किनारे 6 फीट का मगरमच्छ, 50 हजार लोग बाढ़ से घिरे
खगड़िया, भागलपुर और मुंगेर में मूसलाधार बारिश से राहत के साथ बढ़ी चिंता, सितंबर की शुरुआत में भी बारिश के आसार; बेगूसराय के कई प्रखंड बाढ़ की चपेट में।

बिहार में सोमवार को मौसम ने करवट ली और खगड़िया, भागलपुर तथा मुंगेर में सुबह से मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 11 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, साथ ही आकाशीय बिजली गिरने और करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका जताई गई है। दूसरी ओर, सुपौल में कोसी नदी के किनारे करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सरायगढ़-भपटियाही कोसी महासेतु के पास सनपतहा गांव में पूर्वी कोसी सुरक्षा गाइड बांध के समीप मगरमच्छ पानी से निकलकर सूखी जमीन पर आ गया था, जिसे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद पकड़कर वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया। मगरमच्छ को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने सभी को उससे दूरी बनाए रखने की सलाह दी। वहीं बेगूसराय में गंगा के जलस्तर में फिलहाल कमी बताई जा रही है, लेकिन दूसरे इलाकों में पानी बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में फिर जलस्तर बढ़ने की आशंका है। बछवाड़ा, तेघड़ा, बरौनी, मटिहानी, बलिया, शाम्हो और साहेबपुर कमाल समेत दियारा क्षेत्र बाढ़ से प्रभावित हैं और करीब 50 हजार लोग बाढ़ के पानी से घिरे बताए गए हैं। शाम्हो प्रखंड पूरी तरह प्रभावित है, जबकि बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र में भी बाढ़ का आंशिक असर बताया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 1 और 2 सितंबर को भी बिहार के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि 3 से 5 सितंबर के बीच कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर देखने को मिल सकता है। राज्य में बारिश की गतिविधियों के पीछे बंगाल की खाड़ी के पास बना लो-प्रेशर एरिया, बिहार के ऊपर से गुजर रही मानसून ट्रफ और झारखंड-बिहार से दक्षिणी उत्तर प्रदेश तक फैली दूसरी ट्रफ को प्रमुख सिस्टम बताया गया है। पटना में भी बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।




