ग्वालियर में PWD और NHAI की सड़कों के सैंपल फेल: हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, 5 अक्टूबर को अगली सुनवाई
मेहरा टोल-सिकरौदा और एजी ऑफिस-विक्की फैक्ट्री रोड से लिए गए सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल; NSV सर्वे के दस्तावेज नहीं देने पर NHAI से जवाब तलब

ग्वालियर। शहर में सड़कों की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने NHAI और लोक निर्माण विभाग (PWD) से जवाब मांगा है। कोर्ट द्वारा गठित कमीशन की जांच रिपोर्ट में मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा और एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री रोड के पैच से लिए गए अधिकांश सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए।
न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ के सामने सोमवार को कमीशन की रिपोर्ट पेश की गई। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।
मेहरा टोल-सिकरौदा रोड के सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे
कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक, NHAI के अंतर्गत आने वाली मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा के बीच की सड़क से लिए गए अधिकांश सैंपल गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नेटवर्क सर्वे व्हीकल (NSV) की अंतरिम रिपोर्ट में सड़क निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
कमीशन के अनुसार NHAI को हर छह महीने में NSV सर्वे कराना होता है, लेकिन विभाग की ओर से ऐसा सर्वे कराए जाने से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
PWD की सड़क के सैंपल में भी खामी
एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री रोड के PWD पैच से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट में भी गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। रिपोर्ट के अनुसार यहां सड़क निर्माण का काम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।
चेतकपुरी क्षेत्र में सड़क के खराब होने का मुद्दा भी सुनवाई के दौरान सामने आया। हाईकोर्ट ने NHAI और PWD के अधिवक्ताओं को कमीशन की रिपोर्ट उपलब्ध कराते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कमीशन के काम की सराहना की
हाईकोर्ट ने सड़क से सैंपल लेने और तकनीकी पहलुओं की जांच करने के लिए नियुक्त कमीशन के काम की सराहना की।
कमीशन के अधिवक्ता गौरव समाधिया और हिमांशु शर्मा द्वारा किए गए जमीनी निरीक्षण और सैंपलिंग का उल्लेख करते हुए कोर्ट ने उनके कार्य को सराहनीय बताया।
सिकरौदा चौराहे पर शराब दुकान को लेकर भी सवाल
सुनवाई के दौरान कमीशन के सदस्य एडवोकेट गौरव समाधिया ने सिकरौदा चौराहे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे संचालित शराब दुकान का मुद्दा भी उठाया।
कमीशन के अनुसार दुकान हाईवे से निर्धारित दूरी के भीतर संचालित हो रही है। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता से जवाब मांगा है कि दुकान का लाइसेंस किस आधार पर जारी किया गया और इसे हटाने में कितना समय लगेगा।
ठेकेदार के भुगतान से पहले होगी सुनवाई
कमीशन ने कोर्ट को बताया कि NHAI की ओर से संबंधित ठेकेदार को एन्युटी भुगतान की अगली तारीख 6 अक्टूबर 2026 है।
इसी को देखते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की है। रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के जवाब के आधार पर भुगतान से जुड़े मामले पर भी आगे निर्णय लिया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जिम्मेदार अधिकारी तय समय में अपना जवाब दाखिल नहीं करते हैं, तो इसे कमीशन की रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के रूप में माना जा सकता है।




