सुदिव्य सोनू की राजनीतिक विरासत संभालेंगी पत्नी श्वेता शर्मा? मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा तेज
सुदिव्य सोनू के निधन के बाद परिवार से किसी सदस्य को राजनीति में आगे लाने की चर्चा; गिरिडीह उपचुनाव भी अहम

रांची। झारखंड के दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा को हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा तेज हो गई है। सत्ता के गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक 26 सितंबर को भाद्रपद मास समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है। हालांकि, सरकार या झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से श्वेता शर्मा के नाम या शपथ ग्रहण की तारीख को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर को गिरिडीह में हार्ट अटैक से निधन हुआ था। उनके निधन के बाद से ही परिवार के किसी सदस्य को राजनीति में आगे लाने की चर्चा चल रही थी। अब श्वेता शर्मा का नाम मंत्रिमंडल के लिए चर्चा में आने से इन अटकलों को और बल मिला है।
गिरिडीह उपचुनाव से भी जुड़ी चर्चा
सुदिव्य कुमार सोनू वर्ष 2024 में गिरिडीह विधानसभा सीट से दोबारा विधायक चुने गए थे। उनके निधन के बाद सीट खाली हुई है और यहां उपचुनाव होना है। ऐसे में श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा को गिरिडीह उपचुनाव की संभावित रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि, श्वेता शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल करने या उपचुनाव में उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है।
सोरेन कैबिनेट में दो पद खाली
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद हेमंत सोरेन मंत्रिमंडल में एक मंत्री पद खाली हुआ है। इससे पहले पूर्व मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद भी एक पद रिक्त हुआ था। इस तरह मंत्रिमंडल में फिलहाल दो पद खाली बताए जा रहे हैं।
श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा के बीच दूसरे रिक्त पद को लेकर झामुमो और सरकार के स्तर पर निर्णय की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
पहले भी परिवार के सदस्यों को मिली राजनीतिक जिम्मेदारी
झारखंड की राजनीति में दिवंगत नेताओं के परिवार के सदस्यों को राजनीतिक जिम्मेदारी दिए जाने के उदाहरण रहे हैं। शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो के निधन के बाद उनकी पत्नी बेबी देवी को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। इसी तरह हाजी हुसैन अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे हफीजुल हसन को मंत्री बनाया गया।
इन्हीं उदाहरणों के चलते सुदिव्य सोनू के निधन के बाद भी उनके परिवार से किसी सदस्य को राजनीतिक भूमिका दिए जाने की चर्चा शुरू हुई।
मुख्यमंत्री से सुदिव्य सोनू के करीबी संबंध
सुदिव्य कुमार सोनू और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बीच राजनीतिक संबंधों के साथ व्यक्तिगत आत्मीयता की भी चर्चा रही है। सोनू के निधन के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें बड़े भाई के रूप में याद किया था। 17 सितंबर को उनके श्राद्धकर्म में हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन गिरिडीह पहुंचे थे।
फिलहाल श्वेता शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की खबर आधिकारिक निर्णय के बजाय राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चा पर आधारित है। अंतिम स्थिति पार्टी और सरकार की औपचारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।




