पंजाब कांग्रेस में टिकट चयन का नया फॉर्मूला: दावेदारों का सर्वे शुरू, टॉप-3 में से होगा चयन; यूथ को 4% अतिरिक्त वेटेज
सर्वे में जमीनी सक्रियता, जनसंपर्क और सोशल मीडिया गतिविधियों का आकलन; 50 साल से कम उम्र के नेताओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने की तैयारी

लुधियाना। पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के लिए टिकट चयन की प्रक्रिया को लेकर पार्टी स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। पार्टी के नए प्रभारी सचिन पायलट की टीम ने टिकट के दावेदारों का सर्वे शुरू किया है। इसमें नेताओं की जमीनी सक्रियता, पार्टी कार्यक्रमों में भागीदारी, जनता से संपर्क और सोशल मीडिया गतिविधियों को आधार बनाया जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में दावेदारों की रैंकिंग तैयार की जा रही है। सर्वे में टॉप-3 में रहने वाले नेताओं के इंटरव्यू के बाद टिकट के लिए नाम पर विचार किया जाएगा। पार्टी की कोशिश ऐसे चेहरों को आगे लाने की है, जिनकी क्षेत्र में सक्रियता और जनता के बीच संपर्क मजबूत हो।
दावेदारों से मांगा जा रहा रिपोर्ट कार्ड
टिकट के इच्छुक नेताओं से उनकी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों की जानकारी मांगी गई है। इसमें पार्टी कार्यक्रमों में भागीदारी, क्षेत्र में जनसंपर्क, संगठनात्मक गतिविधियां और सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी शामिल है।
जिन विधानसभा क्षेत्रों से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, वहां थर्ड पार्टी सर्वे के जरिए दावेदारों को लेकर फीडबैक जुटाया जा रहा है। इसके आधार पर नेताओं को अंक और रैंकिंग दिए जाने की बात सामने आई है।
यूथ नेताओं को 4% अतिरिक्त वेटेज
सर्वे फॉर्मूले में युवा नेताओं को 4 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज देने की बात कही गई है। यानी यदि किसी युवा या सेकेंड लाइन के नेता के अंक किसी वरिष्ठ नेता से मामूली रूप से कम भी रहते हैं, तो अतिरिक्त वेटेज के बाद उसका नाम आगे आ सकता है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, टॉप-3 में यदि कोई युवा नेता शामिल होता है तो टिकट चयन में उसे प्राथमिकता देने पर विचार किया जाएगा।
50-अंडर-50 फॉर्मूले पर भी जोर
कांग्रेस के उदयपुर डेक्लरेशन में 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को संगठन और चुनावी प्रतिनिधित्व में अधिक अवसर देने की बात कही गई थी। पंजाब में भी इसी दिशा में काम करने की तैयारी बताई जा रही है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, इस फॉर्मूले के तहत करीब 60 विधानसभा सीटों पर 50 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को मौका देने की योजना पर काम हो सकता है। हालांकि अंतिम टिकट वितरण पार्टी हाईकमान के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।
गुटबाजी कम करने की कोशिश
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अलग-अलग नेताओं और खेमों के बीच राजनीतिक मतभेद चर्चा में रहे हैं। टिकट चयन में सर्वे और रैंकिंग व्यवस्था लागू करने के पीछे पार्टी का उद्देश्य व्यक्तिगत सिफारिशों के बजाय क्षेत्रीय फीडबैक को अधिक महत्व देना बताया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे शुरू होने के बाद कई दावेदार दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क कर रहे हैं। हालांकि पार्टी स्तर पर यह संदेश दिया जा रहा है कि टिकट के लिए सर्वे में बेहतर प्रदर्शन और टॉप-3 में स्थान महत्वपूर्ण होगा।
राजा वड़िंग भी नए चेहरों की बात कह चुके
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पहले भी आगामी चुनाव में बड़ी संख्या में नए चेहरों को मौका देने की बात कह चुके हैं। उन्होंने युवा नेताओं को टिकट दिए जाने की पैरवी करने की बात कही है।
इस बीच सचिन पायलट के नेतृत्व में पंजाब कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने और नेताओं को एक मंच पर लाने की कवायद भी जारी है। टिकट चयन का अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा।



