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डबवाली में ‘वोट चोरी’ आंदोलन से पहले किसान नेता राकेश फगोड़िया नजरबंद

दिल्ली जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने रोका, हिरासत में लेने का दावा; कार्रवाई पर उठे सवाल

डबवाली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित ‘वोट चोरी’ विरोधी आंदोलन से पहले डबवाली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। किसान नेता राकेश फगोड़िया ने आरोप लगाया कि उन्हें उनके घर पर नजरबंद कर दिया गया है। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताते हुए कहा कि मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

राकेश फगोड़िया के अनुसार, आंदोलन में किसान, मजदूर, नौजवान और छात्र एकजुट होकर निष्पक्ष चुनाव तथा मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग उठाएंगे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग शामिल है।

‘नजरबंदी से आवाज नहीं दबेगी’

किसान नेता ने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करने वालों को नजरबंद क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का वोट उसकी आवाज है और लोकतंत्र की बुनियाद है। उनके मुताबिक, दबाव और पहरे के बावजूद मताधिकार की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।

कांग्रेस नेता बोले- जारी रहेगा संघर्ष

कांग्रेस नेता भूपेंद्र शर्मा ने भी कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस और INDIA गठबंधन के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए निष्पक्ष चुनाव तथा मताधिकार का सम्मान जरूरी है।

शर्मा के मुताबिक, वह अपने साथियों के साथ दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना होंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।

दिल्ली जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोका

इस बीच, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को दिल्ली जा रहे नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया और हिरासत में लेकर मंडी डबवाली के सिटी थाने पहुंचाया।

जग्गा सिंह बराड़ के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने रोके जाने के विरोध में मौके पर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है। इस दौरान सगनदीप सिंह, समनदीप बराड़, भोला सिंह और विक्की भाऊ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष चुनाव और मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग दोहराई। हालांकि, नजरबंदी और हिरासत की कार्रवाई को लेकर पुलिस का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

 

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