शिमला पुलिस ने 4.13 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त की: 2026 में अब तक 12.52 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई, NDPS के 15 मामलों की जांच
19 लोगों से जुड़ी 20 संपत्तियां चिन्हित; जमीन, मकान, होम-स्टे, अपार्टमेंट और लग्जरी वाहन शामिल

शिमला। नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए शिमला पुलिस ने एनडीपीएस के एक मामले में करीब 4.13 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति जब्त की है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय जांच के आधार पर की गई, जिसमें नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों की पहचान की गई।
होटल से 6.5 ग्राम चिट्टा मिलने के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस थाना सदर शिमला में दर्ज मामले में 13 अगस्त 2024 को पुराना बस स्टैंड स्थित एक होटल से बिहार निवासी सूरज और रोहित पांडे के पास से करीब 6.5 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले में आगे और पीछे जुड़े लिंक की जांच करते हुए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया।
19 लोगों से जुड़ी 20 संपत्तियां चिन्हित
पुलिस के मुताबिक, 2026 में की गई वित्तीय जांच के दौरान 9 आरोपियों और 10 सहयोगियों, यानी कुल 19 लोगों से जुड़ी संपत्तियों की पहचान की गई। इनमें दो रेजिडेंशियल प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे और कई वाहन शामिल हैं।
चिन्हित वाहनों में महिंद्रा थार, हुंडई क्रेटा, मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा और टाटा नेक्सन शामिल हैं। कुल 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 4.13 करोड़ रुपए बताया गया है।
वैध आय का स्रोत नहीं मिलने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान संपत्तियों के मालिकों और उनके सहयोगियों की आय का कोई वैध स्रोत सामने नहीं आया। वित्तीय और संपत्ति संबंधी जांच के आधार पर पुलिस ने इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से जुड़ा माना। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत जब्ती की कार्रवाई की गई।
15 मामलों में 12.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
शिमला पुलिस के मुताबिक, 2026 में अब तक 15 एनडीपीएस मामलों में 68 आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी 12.52 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इनमें जमीन, आवासीय अपार्टमेंट, दुकानें, लग्जरी और कमर्शियल वाहन, बैंक जमा, नकदी और सोने के आभूषण शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, 2024 और 2025 में इस तरह की कार्रवाई नहीं हुई थी। अब नशा तस्करी के मामलों में गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ तस्करी से जुड़े आर्थिक नेटवर्क और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।




