नियमित टीकाकरण में उज्जैन प्रदेश में दूसरे स्थान पर, पांच माह में 109% लक्ष्य हासिल
दस्तक अभियान के तहत घर-घर पहुंचीं स्वास्थ्य विभाग की टीमें, छूटे हुए बच्चों और गर्भवती महिलाओं का किया टीकाकरण

उज्जैन। नियमित टीकाकरण के मामले में उज्जैन जिले ने मध्य प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच जिले में टीकाकरण का कवरेज 109 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस उपलब्धि में नियमित टीकाकरण के साथ दस्तक अभियान की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर पहुंचकर छूटे हुए बच्चों की पहचान की और उनका टीकाकरण किया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। ऐसे में समय पर टीकाकरण उन्हें खसरा, पोलियो, डिप्थीरिया, काली खांसी और टिटनेस जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
दस्तक अभियान में घर-घर पहुंचीं टीमें
जिले में दस्तक अभियान 18 अगस्त तक चलाया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने घर-घर जाकर पांच वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की जांच की। साथ ही बच्चों के टीकाकरण की स्थिति का भी जायजा लिया गया।
जांच के दौरान जिन बच्चों के टीके छूट गए थे या जो नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे, उनकी पहचान कर फॉलोअप किया गया। इसके बाद उन्हें जरूरी टीके लगाए गए।
नियमित टीकाकरण सत्रों के लिए भी किया चिह्नित
अभियान के दौरान मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने मंगलवार और गुरुवार को आयोजित होने वाले नियमित टीकाकरण सत्रों के लिए भी पात्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिह्नित किया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी पात्र हितग्राही टीकाकरण से वंचित न रहे।
किसी भी पात्र बच्चे को टीके से वंचित नहीं रहने देंगे
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रवींद्रकुमार पाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि जिले में कोई भी पात्र बच्चा या गर्भवती महिला टीकाकरण से वंचित न रहे। इसके लिए नियमित टीकाकरण के साथ घर-घर जाकर छूटे हुए हितग्राहियों की पहचान और फॉलोअप किया जा रहा है।




