सिरसा में AAP प्रदेशाध्यक्ष सुशील गुप्ता का बीजेपी पर हमला, बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उठ रहे सवाल
सिरसा में AAP प्रदेशाध्यक्ष सुशील गुप्ता ने कथित वोट चोरी को लेकर बीजेपी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाए। जानिए उनके बयान की प्रमुख बातें।

सिरसा। आम आदमी पार्टी (AAP) के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष सुशील गुप्ता ने शुक्रवार को सिरसा में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया। गुप्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बीजेपी के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और देशभर में 14 करोड़ वोट काटे जाने का दावा किया।
ये आरोप सुशील गुप्ता ने लगाए हैं। उपलब्ध जानकारी में 14 करोड़ वोट काटे जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।
‘मुख्य चुनाव आयुक्त बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे’
सुशील गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार निष्पक्ष भूमिका निभाने के बजाय बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देशभर में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
गुप्ता ने दिल्ली के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पहले भी मतदाता सूची और कथित वोट चोरी को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उनके मुताबिक, अलग-अलग राज्यों में मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के फैसलों से विपक्षी दलों की सरकारों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में विस्तृत दस्तावेज या स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष उपलब्ध कराई गई जानकारी में शामिल नहीं हैं।
दिल्ली, हरियाणा, बिहार और बंगाल के चुनावों का किया जिक्र
AAP प्रदेशाध्यक्ष ने दिल्ली, हरियाणा, बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों का उल्लेख करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इन राज्यों में चुनावी प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों के साथ अन्याय हुआ।
गुप्ता ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उनके बयान में अदालत के संबंधित आदेश या मामले का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इस दावे की पुष्टि के लिए संबंधित न्यायिक आदेश देखना जरूरी होगा।
ईडी और सीबीआई की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
सुशील गुप्ता ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ चुनावों से पहले जांच एजेंसियों की कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और संजय सिंह का नाम लेते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेताओं को चुनाव से पहले निशाना बनाया गया। गुप्ता ने दावा किया कि अदालत में इन मामलों को लेकर पार्टी के पक्ष में राहत मिली।
उन्होंने पंजाब में हालिया जांच कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। ये राजनीतिक आरोप हैं; किसी कार्रवाई के उद्देश्य या वैधता का निष्कर्ष संबंधित मामले के दस्तावेजों और न्यायिक फैसलों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
बोले- चुनाव आयोग और जांच एजेंसियां चुनाव नहीं जितवा सकतीं
गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत जनता के समर्थन से मिलती है और चुनाव आयोग या जांच एजेंसियां किसी राजनीतिक दल को अपने दम पर चुनाव नहीं जितवा सकतीं।
AAP प्रदेशाध्यक्ष ने बीजेपी से जनता के बीच जाकर समर्थन हासिल करने की चुनौती दी। उन्होंने दावा किया कि कथित वोट चोरी और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
वोटर लिस्ट और चुनावी प्रक्रिया पर बहस तेज
सुशील गुप्ता के बयान ने मतदाता सूची, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस को फिर चर्चा में ला दिया है।
हालांकि, देशभर में 14 करोड़ वोट काटे जाने, चुनाव आयोग द्वारा जानबूझकर विपक्षी दलों को नुकसान पहुंचाने और जांच एजेंसियों के राजनीतिक इस्तेमाल जैसे आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों, चुनाव आयोग के रिकॉर्ड और संबंधित मामलों के न्यायिक दस्तावेजों की जांच आवश्यक है।



