hisar

हिसार में 24 अक्टूबर से कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के आवास पर महापड़ाव करेंगे कर्मचारी

PWD मैकेनिकल वर्कर यूनियन का ऐलान, पंप हाउसों पर पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं नहीं मिलने का आरोप

हिसार। लंबित मांगों का समाधान नहीं होने से नाराज हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन ने आंदोलन का ऐलान किया है। यूनियन के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 से कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के आवास पर अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि बैठकों में मांगों पर सहमति बनने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

पंप हाउसों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप

शुक्रवार को नहर कॉलोनी स्थित यूनियन कार्यालय में आईबी मैकेनिकल शाखा की आम सभा हुई। इसकी अध्यक्षता शाखा प्रधान विनोद फौजी ने की। उन्होंने कहा कि पंप हाउसों पर तैनात कर्मचारियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में काम करना पड़ रहा है।

यूनियन के मुताबिक, कई पंप हाउसों पर पीने के पानी, शौचालय और बैठने तक की उचित व्यवस्था नहीं है। कर्मचारियों ने संबंधित अधिकारियों से कार्यस्थलों पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की है।

बैठकों में सहमति के बावजूद समाधान नहीं

विनोद फौजी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा के साथ हुई बैठकों में कई मुद्दों पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि महापड़ाव के माध्यम से मंत्री को पूर्व में दिए गए आश्वासनों की याद दिलाई जाएगी।

निजीकरण और पद समाप्त करने पर भी जताई चिंता

सभा में कर्मचारियों ने रैशनलाइजेशन के नाम पर पद समाप्त करने और विभागों के निजीकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों पर भी चिंता जताई। यूनियन नेताओं का कहना है कि इन फैसलों से कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने लंबित मांगों का समाधान करने और कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

राज्य कमेटी के निर्देश पर आंदोलन

यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान अजय सिंह ने बताया कि राज्य कमेटी के निर्देशानुसार 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन में भाग लेने की अपील की।

यूनियन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की मांगों और कार्यस्थलों पर मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!