आज की बड़ी खबरें: जम्मू में बर्थडे पार्टी के दौरान युवक की चाकू से हत्या; मुंबई में OTP गिरोह का खुलासा, डिजिटल अरेस्ट से ₹1.12 करोड़ की ठगी
आज की बड़ी खबरें: जम्मू में युवक की हत्या, मुंबई में OTP गिरोह का खुलासा और ₹1.12 करोड़ की साइबर ठगी

देश के अलग-अलग हिस्सों से शुक्रवार को कई अहम खबरें सामने आईं। जम्मू में जन्मदिन की पार्टी के दौरान हुए विवाद में एक युवक की हत्या कर दी गई। वहीं मुंबई पुलिस ने कथित अंतरराष्ट्रीय OTP फार्मिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया। एक अन्य मामले में साइबर पुलिस ने 68 वर्षीय व्यक्ति को कथित डिजिटल अरेस्ट में रखकर 1.12 करोड़ रुपए ठगने के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जम्मू में बर्थडे पार्टी के दौरान विवाद, युवक की मौत
जम्मू के लोअर रूप नगर इलाके में जन्मदिन की पार्टी के दौरान केक लगाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक की जान चली गई।
पुलिस के मुताबिक, जन्मदिन मना रहे नीरज उर्फ अंशु के चेहरे पर पवन नायर उर्फ समीर ने केक लगा दिया था। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी हुई।
आरोप है कि विवाद के दौरान नीरज ने खुखरी से पवन की गर्दन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल पवन को उसके दोस्तों ने GMC जम्मू पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मामले में नीरज और उसके भाई रिशु को गिरफ्तार किया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस घटना के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मुंबई में OTP फार्मिंग नेटवर्क का खुलासा
मुंबई पुलिस की साइबर टीम ने कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह OTP फार्मिंग के जरिए भारतीय मोबाइल नंबर और WhatsApp अकाउंट से जुड़ी जानकारी विदेशी साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था।
मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 669 एक्टिव सिम कार्ड और 100 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रमोद कुमार उर्फ बिपिन, धर्मेंद्र गुप्ता और राजीव कुमार गुप्ता के रूप में बताई गई है। कार्रवाई मुंबई क्राइम ब्रांच की पश्चिम क्षेत्र साइबर पुलिस ने की।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सिम और मोबाइल का इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में किया गया और इस नेटवर्क से विदेश में कौन-कौन से लोग जुड़े हुए थे।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 68 साल के बुजुर्ग से ₹1.12 करोड़ ठगे
मुंबई में साइबर ठगी का एक और मामला सामने आया है। पुलिस ने 68 वर्षीय सेवानिवृत्त कारोबारी से 1.12 करोड़ रुपए की कथित डिजिटल अरेस्ट ठगी के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित को करीब दो सप्ताह तक अलग-अलग बहानों से घर में डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान उन्हें कानून प्रवर्तन एजेंसियों का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका एक वेब डेवलपर और एक निजी बैंक का ऑपरेशंस मैनेजर भी शामिल बताया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान तारिक मोमिन, राकेश जैन, चिंतन देसाई, शंकर त्यागी, जी. गोहेल और अजय शर्मा के रूप में हुई है।
IIT ग्रेजुएट भी जांच के घेरे में
पुलिस के मुताबिक, जी. गोहेल ने IIT दिल्ली से BE की पढ़ाई की है और वह वेब डेवलपर के तौर पर काम करता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ 2021 में धोखाधड़ी का एक मामला भी दर्ज हुआ था।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित डिजिटल अरेस्ट गिरोह में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी और ठगी की रकम किन खातों में भेजी गई।
डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें?
किसी भी सरकारी एजेंसी की ओर से फोन या वीडियो कॉल पर व्यक्ति को घर में कैद रहने और पैसे ट्रांसफर करने का आदेश नहीं दिया जाता। अगर कोई व्यक्ति पुलिस, CBI, ED, कोर्ट या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर डराए और पैसे मांगने लगे, तो तुरंत बातचीत रोकें।
साइबर ठगी होने पर बैंक को तत्काल सूचना दें और 1930 साइबर हेल्पलाइन या सरकारी साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करें।
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