AIMIM प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान की चेतावनी, बोले- जल्द होगा मुकाबला, सबका हिसाब होगा
उज्जैन में शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने की कार्रवाई के बीच दिया बयान; मस्जिद का सौदा कर अपनी दुकानदारी बचाने का लगाया आरोप, पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया

उज्जैन, 29 सितंबर। मध्य प्रदेश में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के बीच बयान दिया है। सोमवार को नागझिरी थाने के बाहर समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जल्द मुकाबला होगा और सबका हिसाब होगा। उनके इस बयान का वीडियो मंगलवार को सामने आया। इसे सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
वीडियो में मोहसिन अली खान पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर अपने समर्थकों से बात करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “आपको ये चेतावनी देकर जा रहा हूं, जल्द मुकाबला होगा और सबका हिसाब होगा।” उन्होंने दावा किया कि उनके कई युवा थानों में बंद हैं और जब तक एक-एक युवक बाहर नहीं आ जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
मस्जिद के समझौते को लेकर उठाए सवाल
मोहसिन अली खान ने मस्जिदों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए मध्य प्रदेश के मुस्लिम समुदाय के लोगों को एकजुट नहीं करने पर सवाल किए। उन्होंने भोपाल, इंदौर, देवास, उज्जैन समेत अन्य जिलों से लोगों को बुलाकर मस्जिद बचाने की अपील नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद का सौदा अपनी “दुकानदारी” बचाने के लिए किया गया है। उनका यह बयान शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने पर हुए समझौते के संदर्भ में आया है।
सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का हिस्सा हटाया जा रहा
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दायरे में शाही मस्जिद का करीब 9 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा हिस्सा आ रहा है। सोमवार रात तक मस्जिद का लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा हटाया गया था। इसमें मुख्य रूप से जालियां और मेहराब शामिल थीं।
मंगलवार सुबह प्रशासन ने दोबारा कार्रवाई शुरू की। इससे पहले अधिकारियों ने इलाके से मीडिया को हटा दिया। छत्री चौक क्षेत्र की दुकानें बंद रहीं, जबकि आसपास के अन्य इलाकों में बाजार खुले रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च भी निकाला।
हंगामे के बाद रात 11 बजे खाली कराई गईं दुकानें
सोमवार को मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई के दौरान तीन बार पथराव हुआ। इसके बाद गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, छत्री चौक, सर्राफा, सती गेट, लखेरवाड़ी और कमरी मार्ग के बाजार बंद रहे।
दिनभर चले हंगामे के बाद रात करीब 11 बजे मस्जिद के नीचे स्थित दुकानों को खाली कराया गया। कार्रवाई के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने भी मस्जिद का हिस्सा हटाने में भाग लिया।
हाईकोर्ट ने समझौते के आधार पर निपटाया मामला
शाही मस्जिद मामले में सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मस्जिद कमेटी की याचिका पर सुनवाई के बाद उसे निस्तारित कर दिया। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद जिला प्रशासन और मस्जिद कमेटी के बीच हुए समझौते के आधार पर मामले का निपटारा किया।
मस्जिद कमेटी के वकील कुलदीप पाठक के अनुसार, सड़क के लिए तीन फीट जगह देने और कुछ दुकानों को हटाने पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि बड़ी मीनार को दूसरी ओर स्थानांतरित किया जाएगा और दुकानदारों को दूसरी जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
पथराव के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज
सोमवार सुबह मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही विरोध और हंगामा शुरू हो गया। इस दौरान पुलिस पर पथराव किया गया। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। भीड़ को हटाने के दौरान महिला थाना प्रभारी घायल हो गईं।
पुलिस बल की तैनाती के बावजूद दोपहर में फिर पथराव हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोबारा लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। हंगामे के बीच मस्जिद का हिस्सा हटाने की कार्रवाई जारी रही, हालांकि नमाज के समय इसे रोक दिया गया। इसके बाद स्थिति शांत हुई।
8 एफआईआर दर्ज, 20 लोग हिरासत में
उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, सोमवार सुबह से शाम तक मामले में कुल आठ एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें एक एफआईआर पथराव से संबंधित है, जबकि पांच सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या भ्रामक सामग्री और अन्य मामलों से जुड़ी हैं। दो अन्य एफआईआर घटनाओं और आदेश के उल्लंघन के संबंध में दर्ज की गई हैं।
एसपी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में अब तक 20 लोगों को हिरासत में लिया है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।




