अनूपपुर में कमरे में सो रहे जीजा-साली को सांप ने डसा: 12 साल की बच्ची की हालत गंभीर, एंटी-वेनम की दो खुराक दी गईं
हरतालिका तीज पर ससुराल आया था युवक, रात में कमरे में सोते समय हुआ सर्पदंश; जिले में एक ही दिन तीन घटनाएं सामने आईं

अनूपपुर। हरतालिका तीज पर अनूपपुर स्थित ससुराल आए एक युवक और उसकी 12 वर्षीय साली को रात में कमरे में सोते समय करैत सांप ने डस लिया। घटना नगरपालिका के वार्ड नंबर 13 स्थित उंजीर बगीचा के पास सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात की है।
सर्पदंश के बाद 20 वर्षीय चेतन कोल और उसकी 12 वर्षीय साली भारती कोल को परिजन तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि चेतन की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
रात करीब 3:30 बजे हुआ सर्पदंश
चेतन के मुताबिक, वह हरतालिका तीज के अवसर पर अपनी ससुराल अनूपपुर आया था। रात में पूजा-पाठ के बाद परिवार के सभी लोग सो गए।
करीब 3:30 बजे चेतन को कमर के पास किसी चीज के काटने का एहसास हुआ। उसने हाथ से आसपास टटोला तो उसे कोई पतला और लंबा जीव महसूस हुआ। रोशनी में देखने पर वह करैत सांप निकला।
चेतन के चीखने पर घर के अन्य सदस्य भी जाग गए। परिजनों ने सांप को मार दिया और दोनों को अस्पताल पहुंचाया।
बच्ची की हालत बिगड़ी, एंटी-वेनम दिया गया
घटना के समय भारती भी उसी कमरे में परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सो रही थी। जब परिजनों ने उसे देखा तो वह बेसुध थी।
जिला अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उसे पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती किया और एंटी-वेनम की दो खुराक दीं। दोनों मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची को संभवतः सांप ने पहले डसा, जिससे उसके शरीर में विष का असर अधिक हो सकता है। हालांकि सर्पदंश की गंभीरता का आकलन चिकित्सकीय जांच के आधार पर ही किया जाता है।
भरण-पोषण के लिए जीजा के साथ रहती है बच्ची
चेतन मजदूरी करता है। परिवार के अनुसार, भारती के बेहतर भरण-पोषण के लिए वह उसके साथ खन्नौद में रहती है। हरतालिका तीज के कारण चेतन की पत्नी अपनी छोटी बहन भारती को लेकर अनूपपुर आई थी।
चचाई में बेलपत्र तोड़ने गए युवक को भी सांप ने डसा
सोमवार शाम चचाई में 20 वर्षीय वीर सिंह भी सर्पदंश का शिकार हो गया। वह तीज पर्व के लिए बेलपत्र तोड़ने घर के आसपास गया था। इसी दौरान सांप ने उसके दाहिने पैर में घुटने के नीचे डस लिया।
परिजन उसे इलाज के लिए अनूपपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है।
थैले से पैसे निकालते समय महिला को सांप ने डसा
अनूपपुर से करीब 3 किलोमीटर दूर तिपानखोली में सोमवार शाम 32 वर्षीय तारावती बैगा भी सर्पदंश की चपेट में आ गईं।
बताया गया कि वह कच्चे घर की दीवार पर टंगे एक थैले से पैसे निकाल रही थीं। इसी दौरान थैले से सांप निकल आया और उन्हें डस लिया।
परिजन महिला को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। थैले में सांप होने की सूचना मिलने पर सर्पप्रहरी शशिधर अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर सांप का रेस्क्यू किया और उसे जंगल में छोड़ दिया।
अनूपपुर में सालभर में करीब 500 सर्पदंश के मामले
जानकारी के मुताबिक, जिले में सालभर में करीब 500 लोग सर्पदंश का शिकार होते हैं। इनमें समय पर इलाज मिलने से अधिकांश लोगों की जान बच जाती है, जबकि अब तक 20 से ज्यादा मौतें होने की बात सामने आई है।
बारिश में क्यों बढ़ जाता है सर्पदंश का खतरा?
मानसून के दौरान तेज बारिश से सांपों के बिल और छिपने के स्थानों में पानी भर जाता है। ऐसे में वे सूखी और सुरक्षित जगह तलाशते हुए घरों, दुकानों और खेत-खलिहानों की ओर आ सकते हैं।
बारिश के दौरान चूहे और दूसरे छोटे जीव भी कई बार घरों के आसपास पहुंच जाते हैं। इनके पीछे सांप भी आबादी वाले इलाकों तक आ सकते हैं। ऐसे में जमीन पर सोते समय, सामान उठाते हुए या अंधेरे स्थानों में हाथ डालते समय विशेष सावधानी जरूरी है।
सर्पदंश होने पर व्यक्ति को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। घरेलू नुस्खों या झाड़-फूंक में समय गंवाने के बजाय चिकित्सकीय उपचार लेना सबसे जरूरी है।
करैत और कोबरा का जहर तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है
करैत और कोबरा जैसे सांपों के विष में न्यूरोटॉक्सिक प्रभाव हो सकता है। गंभीर मामलों में इससे मांसपेशियों की कमजोरी, सांस लेने में परेशानी, बेहोशी और शरीर के कुछ हिस्सों में लकवा जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
ऐसे मरीजों को अस्पताल में तत्काल निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर सांस संबंधी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए संदिग्ध सर्पदंश के मामलों में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना बेहद जरूरी है।
वहीं, कुछ अन्य जहरीले सांपों के विष में हीमोटॉक्सिक प्रभाव होता है, जिससे सूजन, दर्द और रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।




