भुवनेश्वर बोले- 2019 वर्ल्ड कप की हार चुभती है
बोले- 240 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता था; भारतीय टीम में दोबारा खेलने का मौका मिला तो होगी खुशी

नई दिल्ली। भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 2019 वनडे वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार को अपने करियर का सबसे दुखद पल बताया है। उन्होंने कहा कि भारत के सामने 240 रन का लक्ष्य था, जिसे हासिल किया जा सकता था। इसी वजह से वह हार आज भी उन्हें चुभती है।
2019 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने भारत को 18 रन से हराया था। 240 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 49.3 ओवर में 221 रन पर ऑलआउट हो गई थी।
भुवनेश्वर कुमार ने जतिन सप्रू के यूट्यूब शो में बातचीत के दौरान कहा कि वह अब भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद लगाए नहीं बैठे हैं। हालांकि, अगर उन्हें दोबारा देश के लिए खेलने का मौका मिलता है तो उन्हें बेहद खुशी होगी।
बारिश के कारण दो दिन चला था सेमीफाइनल
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 2019 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल बारिश से प्रभावित रहा था और मुकाबला दो दिन में पूरा हुआ था। रनचेज के दौरान भारतीय टीम ने शुरुआती तीन विकेट महज 5 रन पर गंवा दिए थे।
इसके बाद रवींद्र जडेजा ने 77 रन और महेंद्र सिंह धोनी ने 50 रन की पारी खेलकर भारत को लक्ष्य के करीब पहुंचाया था। हालांकि, टीम 221 रन पर ऑलआउट हो गई।
भुवनेश्वर ने 2022 टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की तुलना में 2019 की हार को अधिक मुश्किल बताया। उन्होंने माना कि परिस्थितियों और बारिश का भी मैच पर असर पड़ा था।
बोले- किसी के कॉल का इंतजार नहीं कर रहा
भुवनेश्वर ने पिछले दो IPL सीजन में अपने प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, 2025 में उन्होंने 17 विकेट और 2026 में 28 विकेट हासिल किए।
इसके बावजूद उन्होंने भारतीय टीम में वापसी को लेकर कहा कि वह किसी को कुछ साबित करने के लिए क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं। उनका कहना है कि अगर देश के लिए दोबारा खेलने का अवसर मिलता है तो यह उनके लिए खुशी की बात होगी।
2022 में ही पत्नी से कही थी आखिरी वर्ल्ड कप की बात
भुवनेश्वर ने बताया कि 2022 टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान उन्हें महसूस होने लगा था कि शायद भारतीय टीम के साथ उनका समय समाप्त हो रहा है। भारत एडिलेड में इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला हार गया था।
उन्होंने कहा कि अपने अनुभव के आधार पर उन्हें लगा कि किसी बड़े टूर्नामेंट में हार के बाद चयनकर्ता भविष्य को ध्यान में रखकर आगे बढ़ना चाहते हैं।




