बठिंडा में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले फूंके
मतदाता सूचियों से नाम काटे जाने का आरोप लगाकर कांग्रेस ने जताया विरोध; राष्ट्रपति के नाम डीसी को सौंपा ज्ञापन, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की

बठिंडा। मतदाता सूचियों से नाम काटे जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से सोमवार को बठिंडा के मिनी सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया गया। जिला कांग्रेस के शहरी प्रधान राजन गर्ग और देहाती प्रधान एवं पूर्व विधायक प्रीतम सिंह कोटभाई के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त (डीसी) को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, उनके खिलाफ मामला दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग की गई।
मतदाता सूची से नाम गायब होने पर जताया विरोध
जिला कांग्रेस के शहरी प्रधान राजन गर्ग ने आरोप लगाया कि देशभर में मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन मतदाताओं के नाम सूची से हटने के कारण उनके मताधिकार पर असर पड़ रहा है।
राजन गर्ग ने आरोप लगाया कि विरोधी विचारधारा वाले मतदाताओं और आम नागरिकों के नाम सुनियोजित तरीके से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे नागरिकों के मताधिकार और संविधान से जुड़ा गंभीर मामला बताया। साथ ही, स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया।
निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के मामलों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और चुनाव आयोग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे।
कांग्रेस नेता नरेश गर्ग सहित अन्य नेताओं ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी अपना विरोध जारी रखेगी। उन्होंने सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारी निष्पक्ष तरीके से काम करने के बजाय सत्ताधारी दल के पक्ष में काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन में जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।




