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हरिद्वार में AI से महिला का फर्जी आपत्तिजनक VIDEO वायरल: राजस्थान से परिवार के साथ स्नान करने आई थी; मूल वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप

राजस्थान के भिवाड़ी से परिवार के साथ हरकी पैड़ी पहुंची थी महिला; सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए मूल वीडियो से AI के जरिए छेड़छाड़ का आरोप, साइबर क्राइम थाने में शिकायत

हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान के दौरान राजस्थान की एक महिला का कथित तौर पर AI और डिजिटल एडिटिंग की मदद से आपत्तिजनक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है। महिला ने इसे फर्जी बताते हुए साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत की है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से वीडियो हटाने की मांग की है।

भिवाड़ी निवासी सोनम यादव परिवार के साथ हरिद्वार स्नान करने आई थीं। बताया गया है कि उन्होंने हरकी पैड़ी पर स्नान करते हुए अपना सामान्य वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था। आरोप है कि बाद में कुछ लोगों ने उसी वीडियो में डिजिटल तकनीक या AI की मदद से छेड़छाड़ कर उसे आपत्तिजनक रूप में प्रसारित कर दिया।

मूल वीडियो और वायरल वीडियो में अंतर

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर दावा किया गया कि उसमें महिला के कपड़ों में बदलाव दिखाई देता है, जबकि आसपास मौजूद लोगों और घटनाक्रम की गतिविधियां काफी हद तक समान नजर आती हैं।

इसी आधार पर यह आशंका जताई गई कि महिला के मूल वीडियो को डिजिटल एडिटिंग या AI तकनीक के जरिए बदलकर फर्जी वीडियो तैयार किया गया।

महिला ने वीडियो जारी कर दी सफाई

सोनम यादव ने वीडियो जारी कर वायरल हो रहे आपत्तिजनक वीडियो को फर्जी और AI जनरेटेड बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भिवाड़ी के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी है।

महिला ने पुलिस से ऐसे सभी फर्जी वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटवाने और उन्हें प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने यह भी अपील की कि लोग बिना सत्यापन के वीडियो को शेयर न करें और किसी महिला के सम्मान तथा धार्मिक स्थल की मर्यादा से खिलवाड़ न करें।

फर्जी वीडियो शेयर करने वालों पर भी कार्रवाई की मांग

महिला का कहना है कि कुछ लोग बिना सच्चाई जाने इस मामले पर रिएक्शन वीडियो बना रहे हैं या फर्जी वीडियो को आगे शेयर कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी पुलिस को दिए जाने की बात कही है।

मामले में साइबर जांच के जरिए यह पता लगाने की जरूरत है कि वीडियो किसने तैयार किया, उसमें किस तरह की डिजिटल एडिटिंग की गई और इसे सबसे पहले किस अकाउंट से सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

श्रीगंगा सभा ने जताई आपत्ति

श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने घटना पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से तकनीकी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने इसे हरिद्वार जैसे धार्मिक स्थल की छवि और महिला की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

AI के जरिए फर्जी वीडियो से बढ़ी चुनौती

AI और डीपफेक जैसी तकनीकों के जरिए किसी व्यक्ति के वास्तविक वीडियो या फोटो में बदलाव करना अब सोशल मीडिया पर एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे मामलों में किसी वायरल वीडियो को वास्तविक मानने के बजाय उसके स्रोत और सत्यता की जांच करना जरूरी है।

मामले में पुलिस की साइबर जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो किस तकनीक से तैयार किया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

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