jaipur

जल जीवन मिशन पर सवाल: 28 हजार गांव-बस्तियों के लक्ष्य में अब तक करीब 2,929 योजनाएं पूरी, लंबित कामों की समीक्षा के निर्देश

राजस्थान में जल जीवन मिशन की प्रगति पर सवाल; 25 हजार गांवों और 2,700 बसावटों के लक्ष्य के मुकाबले 2,929 सिंगल विलेज योजनाएं पूरी, मुख्य सचिव ने लंबित कार्यों की रिपोर्ट मांगी

जयपुर। राजस्थान में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल पहुंचाने की योजना की प्रगति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 25 हजार गांवों और 2,700 बसावटों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य था, जबकि अब तक करीब 2,929 सिंगल विलेज योजनाएं पूरी होने की जानकारी दी गई है। राज्य सरकार ने लंबित परियोजनाओं की समीक्षा और उन्हें समय पर पूरा करने पर जोर दिया है।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने तथा योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और लंबित कार्यों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से उन जिलों की रिपोर्ट भी मांगी गई है, जहां योजनाएं लंबित हैं या काम की गति प्रभावित है।

23 हजार से अधिक गांवों में काम बाकी

रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत अब भी 23 हजार से अधिक गांवों तक पानी पहुंचाने का काम बाकी बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार सितंबर तक 2,929 सिंगल विलेज योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष योजनाओं को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

राजस्थान के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की वेबसाइट पर भी जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न परियोजनाओं में गांवों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) से जोड़ने के लक्ष्य दर्ज हैं।

लंबित योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश

सरकार ने बड़ी परियोजनाओं, छोटे प्रोजेक्ट्स और रेट्रोफिटिंग योजनाओं के लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ‘नल जल मित्र’ के प्रशिक्षण और योजना के संचालन से जुड़े अन्य कार्यों को भी प्रभावी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी हालिया बैठकों में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही नहीं बरतने और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।

भुगतान और लंबित मामलों के निस्तारण पर भी जोर

जल जीवन मिशन की परियोजनाओं से जुड़े भुगतान में आने वाली बाधाओं को दूर करने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की ओर से हाल में यह भी बताया गया है कि राजस्थान में करीब 2,490 गांवों में ‘जल अर्पण दिवस’ आयोजित किया जा चुका है, जिसका उद्देश्य पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं में स्थानीय स्तर पर स्वामित्व और संचालन की व्यवस्था को मजबूत करना है।

नोट: उपलब्ध सरकारी स्रोतों में जल जीवन मिशन की प्रगति के अलग-अलग संकेतक दिए गए हैं। इसलिए ‘सिर्फ 11 प्रतिशत गांवों को पानी’ जैसे दावे को संबंधित आधिकारिक आंकड़ों के संदर्भ में देखना जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!