मोहाली में गैंगस्टरों के मददगार गिरफ्तार, टारगेट की लोकेशन देने का आरोप
रंगदारी और फायरिंग मामलों की जांच में पुलिस की कार्रवाई; आरोपी के मोबाइल और संपर्कों की जांच जारी

मोहाली। रंगदारी और फायरिंग के मामलों की जांच के दौरान मोहाली पुलिस के ऑपरेशन सेल ने भुपिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर गैंगस्टरों को टारगेट की पहचान और लोकेशन उपलब्ध कराता था। उस पर गैंग के सदस्यों को वारदात वाली जगह तक पहुंचाने में मदद करने का भी आरोप है।
मैसेज के जरिए मिलती थी टारगेट की जानकारी
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक भुपिंदर को मैसेज के जरिए बताया जाता था कि किस व्यक्ति से रंगदारी मांगनी है। इन मैसेज में संबंधित व्यक्ति की पहचान, पता और लोकेशन जैसी जानकारी होने का दावा किया गया है। फायरिंग के जरिए किसी को डराने की योजना होने पर भी उसे इसकी जानकारी दी जाती थी।
इसके बाद आरोपी कथित तौर पर गैंग के सदस्यों को संबंधित स्थान की पहचान करवाता था। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन और संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन लोगों के संपर्क में था और किन वारदातों से उसका संभावित संबंध रहा है।
जेल में बंद गैंगस्टर काली से भी पूछताछ
इसी नेटवर्क की जांच के दौरान चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल में बंद रविंदर सिंह उर्फ काली को मोहाली पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई थी। पुलिस ने काली से गिरफ्तार आरोपियों के सामने बैठाकर भी पूछताछ की।
मोहाली पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में काली के विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू के संपर्क में होने की बात सामने आई। पुलिस का दावा है कि दोनों के संपर्क में रहते हुए कथित तौर पर वारदातों की योजना बनाई जाती थी।
जेल से नेटवर्क चलाने के दावे पर अलग-अलग जांच
मोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा के अनुसार, शुरुआती जांच में जेल के अंदर से नेटवर्क संचालित किए जाने की बात सामने आई है। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस के आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि उनकी जांच में अभी तक ऐसा कुछ सामने नहीं आया है।
आईजी के मुताबिक, मोहाली पुलिस द्वारा यह स्पष्ट किए जाने के बाद ही स्थिति साफ होगी कि जेल के अंदर से कथित तौर पर किस माध्यम से संपर्क किया जा रहा था। चंडीगढ़ पुलिस भी अपने स्तर पर मामले की जांच करने की बात कह चुकी है।
10 दिन में तीन कोठियों पर फायरिंग का मामला
मोहाली पुलिस के अनुसार, पिछले 10 दिनों में फेज-10 और सेक्टर-104 में तीन अलग-अलग कोठियों पर फायरिंग के मामलों में चार शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में जसमनदीप सिंह, दुशंत शर्मा उर्फ शम्मी, आकाशदीप सिंह और प्रवीण कुमार उर्फ कालू शामिल हैं।
पुलिस ने इनके कब्जे से पांच पिस्टल, 12 कारतूस और वारदातों में इस्तेमाल की गई टेंपरेरी नंबर वाली फॉर्च्यूनर कार बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, इनमें दो विदेशी जिगाना पिस्टल और तीन अन्य 30 बोर की पिस्टल शामिल हैं।
5-5 करोड़ रुपये रंगदारी मांगने का आरोप
मोहाली पुलिस के एसएसपी के अनुसार, फायरिंग की साजिश में विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू और बुड़ैल जेल में बंद रविंदर सिंह उर्फ काली के नाम सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि पीड़ितों से 5-5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रेस कॉन्फ्रेंस में काली के खिलाफ इस दावे के समर्थन में कोई रिकॉर्डिंग या व्हाट्सऐप चैट सार्वजनिक नहीं की गई थी। पुलिस का कहना है कि ये तथ्य गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आए।
भुपिंदर से पूछताछ में पुराने मामलों की जांच
अब ऑपरेशन सेल भुपिंदर सिंह से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि वह कथित नेटवर्क के संपर्क में कब से था। पुलिस यह भी जांच रही है कि उसके जरिए किन लोगों की रेकी करवाई गई और उसका किन फायरिंग या रंगदारी के मामलों से संभावित संबंध रहा है।
पुलिस उसके मोबाइल फोन, मैसेज और संपर्कों की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपी की कथित भूमिका और अन्य मामलों से उसके संबंधों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।




