ट्रम्प बोले- होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का पैसा दे दुनिया: कहा- अमेरिका ने तेल सप्लाई जारी रखी, दूसरे देशों ने कोई मदद नहीं की
ट्रम्प ने कहा- होर्मुज स्ट्रेट से फायदा लेने वाले देश सुरक्षा का खर्च उठाएं; ईरान से तनाव के बीच तेल की कीमत 107 डॉलर के पार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का खर्च दूसरे देशों को उठाना चाहिए। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ईरान के साथ जारी संघर्ष के दौरान अमेरिका ने अपनी जिम्मेदारी निभाई, लेकिन दूसरे देशों ने इस संकट में अमेरिका की कोई मदद नहीं की।
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा कि जिन देशों ने संकट के दौरान अमेरिका का साथ नहीं दिया, उन्हें संघर्ष खत्म होने के बाद अमेरिका को इसकी कीमत चुकानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका कई पीढ़ियों से अपने हितों की तुलना में दूसरे देशों के लिए ज्यादा काम करता आया है। अब जिन देशों ने इस संकट में अमेरिका की मदद नहीं की, उन्हें इसकी कीमत चुकानी चाहिए।
ट्रम्प पहले 7 देशों से मांग चुके हैं मदद
ईरान के खिलाफ संघर्ष शुरू होने के बाद ट्रम्प ने कई देशों से होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद मांगी थी।
16 मार्च को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा था कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए 7 देशों से संपर्क किया है। हालांकि, उस समय उन्होंने इन देशों के नाम सार्वजनिक नहीं किए थे।
इससे पहले एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रम्प ने उम्मीद जताई थी कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में अमेरिका का साथ देंगे।
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ता है। इस रास्ते से बड़ी संख्या में तेल और गैस ले जाने वाले जहाज गुजरते हैं। ऐसे में यहां तनाव बढ़ने का सीधा असर कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
ट्रम्प बोले- ईरान जल्द समझौता करना चाहता है
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत करना चाहता है और जल्द समझौते की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बातचीत करेगा या नहीं, इसका फैसला अमेरिका खुद करेगा।
ट्रम्प ने कहा कि जिन देशों को होर्मुज स्ट्रेट से तेल की आवाजाही का फायदा मिल रहा है, उन्हें इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा का खर्च भी उठाना चाहिए।
अमेरिका ने ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया था
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर हमला किया था। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने 8 सितंबर को ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया।
इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने की ओर 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया।
अमेरिका ने ईरानी हमले के जवाब में कच्चे तेल ले जाने वाले ईरान से जुड़े जहाजों को निशाना बनाया था।
इसके बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में 10 जहाजों पर हमला करने का दावा किया। इनमें 2 अमेरिकी जहाज और 8 तेल टैंकर शामिल थे। ईरान ने अमेरिका का एक सबमरीन ड्रोन पकड़ने का दावा भी किया था।
होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही घटी
होर्मुज स्ट्रेट फिलहाल पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या सामान्य से काफी कम हो गई है।
दिए गए रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, 15 सितंबर को सोमवार को सिर्फ 4 कमोडिटी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की जानकारी मिली। इससे एक दिन पहले यह संख्या 10 थी।
युद्ध शुरू होने से पहले इस रास्ते से रोजाना करीब 125 जहाज गुजरते थे।
ये आंकड़े Kpler के शुरुआती शिप-ट्रैकिंग डेटा पर आधारित हैं। हालांकि, कुछ जहाज AIS ट्रैकिंग सिस्टम बंद करके भी यहां से गुजर सकते हैं। इसलिए वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है।
यानी होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन यहां जहाजों की आवाजाही सामान्य स्तर से काफी नीचे है। इसी वजह से ट्रम्प अब इस रास्ते की सुरक्षा में दूसरे देशों की भागीदारी और खर्च की मांग कर रहे हैं।
तेल की कीमत 107 डॉलर के पार
होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।
15 सितंबर को एशियाई कारोबार में ब्रेंट क्रूड 1% से ज्यादा बढ़कर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। इस महीने अब तक ब्रेंट की कीमत करीब 18% बढ़ चुकी है।
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक बड़ी मात्रा में तेल और गैस पहुंचती है। अगर यहां जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रहती है, तो वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ सकता है।
इसका असर उन देशों पर ज्यादा पड़ सकता है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले तेल और गैस के लिए यह प्रमुख समुद्री रास्ता है।
इस क्षेत्र में लंबे समय तक तनाव रहने या जहाजों की आवाजाही बाधित होने पर वैश्विक ऊर्जा बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों और आयात पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
एक नजर में
- ट्रम्प की मांग: दूसरे देश होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा का खर्च उठाएं।
- होर्मुज में स्थिति: स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं, लेकिन जहाजों की आवाजाही घटी।
- सामान्य आवाजाही: युद्ध से पहले करीब 125 जहाज रोजाना।
- 15 सितंबर का आंकड़ा: करीब 4 कमोडिटी जहाजों की आवाजाही।
- ब्रेंट क्रूड: 107 डॉलर प्रति बैरल के पार।
- ईरान से ट्रम्प का दावा: वह अमेरिका से बातचीत और समझौता करना चाहता है।




