यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश से हालात बिगड़े, पहाड़ों पर बर्फबारी
यूपी में 45 शहरों में 65 घंटे से बारिश, 29 मौतें; बिहार में कोसी-गंडक उफान पर, हिमाचल-उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी

उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के साथ जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
यूपी में बारिश और तेज हवाओं का असर
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। लखनऊ समेत कई जिलों में भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हुई हैं और पेड़ तथा कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
27 सितंबर को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में भी मौसम खराब बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।
हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई इलाकों में बारिश हुई। किन्नौर समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में भी बारिश की संभावना
बिहार में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी हैं। मौसम विभाग ने राज्य में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश की संभावना जताई है। नेपाल के तराई क्षेत्र में बारिश के कारण नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है।
हरियाणा-दिल्ली और पंजाब में भी असर
27 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कई स्थानों पर बारिश की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं, बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पंजाब में भी कुछ स्थानों पर बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रह सकता है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग के ताजा निर्देशों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।




