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बठिंडा में दीवार पर लिखा मिला ‘चिट्टा ही चिट्टा’, नशे की उपलब्धता को लेकर फिर उठे सवाल

डूमवाली गांव की नरसिंह कॉलोनी में दीवार पर नारे के साथ बनाया गया तीर का निशान; एक महिला ने बेटे के नशे की लत और इलाके में नशा आसानी से मिलने के आरोप लगाए, पुलिस ने जांच शुरू की।

भगवा हिंदुस्तान | पंजाब समाचार

बठिंडा, पंजाब। पंजाब में नशे की समस्या को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। बठिंडा जिले के डूमवाली गांव की नरसिंह कॉलोनी में शनिवार देर रात एक दीवार पर ‘चिट्टा ही चिट्टा’ लिखे जाने का मामला सामने आया। दीवार पर लिखे नारे के साथ एक तीर का निशान भी बनाया गया था, जो कथित तौर पर उस दिशा की ओर इशारा करता है जहां नशा मिलने का दावा किया जा रहा है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब रिपोर्ट के अनुसार, करीब दो सप्ताह पहले इसी इलाके में पुलिस ने बड़े स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया था।

दीवार पर नारा लिखकर नशे के मुद्दे की ओर खींचा ध्यान

मिली जानकारी के मुताबिक, अज्ञात लोगों ने कॉलोनी की एक दीवार पर ‘चिट्टा ही चिट्टा’ लिखकर इलाके में नशे की कथित उपलब्धता को लेकर सवाल उठाए। इस नारे के जरिए स्थानीय स्तर पर नशे की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की गई।

हालांकि, दीवार पर लिखे नारे से अपने आप यह साबित नहीं होता कि किसी खास स्थान पर नशीले पदार्थों की बिक्री हो रही है। इसके लिए जांच और ठोस साक्ष्यों की आवश्यकता है।

महिला ने बेटे की नशे की लत को लेकर लगाए आरोप

रिपोर्ट के अनुसार, इलाके की एक महिला ने दावा किया कि उसका बेटा नशे का आदी है और क्षेत्र में ‘चिट्टा’ आसानी से उपलब्ध होने की बात कही। महिला ने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस की कुछ कार्रवाई से पहले संदिग्ध लोगों तक सूचना पहुंच जाती थी।

ये आरोप महिला की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। महिला ने नशे की समस्या से निपटने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना भी की।

पहले भी दीवारों पर लिखे गए थे ऐसे नारे

रिपोर्ट में बताया गया है कि पंजाब के कुछ अन्य गांवों में भी स्थानीय लोगों ने नशे की समस्या के विरोध में दीवारों पर नारे लिखे थे। पिछले वर्ष मौड़ कलां गांव में भी कथित तौर पर नशे की बिक्री को लेकर इसी तरह के संदेश लिखे जाने की बात सामने आई थी।

ऐसी घटनाएं नशे की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता को सामने लाती हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति या स्थान पर नशा बेचने का आरोप लगाने से पहले संबंधित तथ्यों की पुष्टि जरूरी है।

पहले चल चुका है तलाशी अभियान

उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 10 अक्टूबर को बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने एसएसपी सुहेल कासिम मीर और अतिरिक्त उपायुक्त कंचन के साथ नरसिंह कॉलोनी में तलाशी अभियान का नेतृत्व किया था। यह इलाका संगत पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है।

दीवार पर नारा लिखे जाने की घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब यह जांच का विषय है कि नारा किसने लिखा और इसके पीछे क्या कारण थे।

नशे के खिलाफ कार्रवाई की मांग

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर समय-समय पर स्थानीय स्तर पर विरोध और कार्रवाई की मांग उठती रही है। बठिंडा की इस घटना ने एक बार फिर नशे की कथित उपलब्धता, स्थानीय लोगों की शिकायतों और पुलिस की जवाबदेही से जुड़े सवालों को चर्चा में ला दिया है।

भगवा हिंदुस्तान की नजर इस मामले से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर रहेगी।

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