नई ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में सिरसा में नर्सिंग स्टाफ का प्रदर्शन, 2-3 घंटे की सांकेतिक हड़ताल
5 साल पूरे होने पर ट्रांसफर ड्राइव में शामिल होना अनिवार्य करने का विरोध, खाली पदों पर कैपिंग और दूर-दराज ट्रांसफर को लेकर जताई आपत्ति

सिरसा। स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ को नई ट्रांसफर पॉलिसी में शामिल किए जाने के बाद सिरसा में नर्सिंग स्टाफ ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन सिरसा की ओर से सोमवार को जिलेभर के नर्सिंग स्टाफ ने प्रदर्शन और 2 से 3 घंटे की सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया। सुबह 10 बजे नर्सिंग स्टाफ के सीएचसी, पीएचसी और सिविल अस्पतालों में धरने पर बैठने की बात कही गई।
एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार भारद्वाज के अनुसार, पहले नर्सिंग स्टाफ के लिए ट्रांसफर ड्राइव में शामिल होना अनिवार्य नहीं था। उनका कहना है कि अब नई व्यवस्था में 5 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर ड्राइव में शामिल होना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि एक साल की सेवा पूरी करने वाला कर्मचारी भी इसमें भाग ले सकता है।
खाली पदों पर कैपिंग को लेकर भी आपत्ति
नर्सिंग स्टाफ ने ट्रांसफर प्रक्रिया में खाली पदों पर कैपिंग लगाए जाने पर भी सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन के अनुसार, यदि किसी संस्थान में 100 पद स्वीकृत हैं और इनमें 20 पद खाली हैं, तो खाली पदों पर भी कैपिंग लगाई जा रही है।
एसोसिएशन का आरोप है कि ट्रांसफर के दौरान कर्मचारियों को दूर-दराज के स्थानों पर भेजे जाने से भी परेशानी बढ़ सकती है। उन्होंने कालांवाली अस्पताल के एक क्लर्क के ट्रांसफर का उदाहरण देते हुए बताया कि उसे ट्रांसफर ड्राइव के तहत हिसार भेजा गया है।
नाइट ड्यूटी करने वाली महिला कर्मचारियों को आने-जाने की चिंता
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि अस्पतालों में शिफ्ट के अनुसार ड्यूटी होती है। कर्मचारियों को कभी सुबह तो कभी शाम और रात की ड्यूटी करनी पड़ती है। नर्सिंग स्टाफ में बड़ी संख्या महिलाओं की है, इसलिए दूर-दराज स्थानों पर ट्रांसफर होने पर नाइट ड्यूटी के दौरान आने-जाने की समस्या पैदा हो सकती है।
एसोसिएशन ने ट्रांसफर प्रक्रिया में पुरुष और महिला कर्मचारियों के विकल्पों और दूरी से जुड़े प्रावधानों पर भी अपनी आपत्ति जताई है।
पहले चरण में जुटाई जा रही कर्मचारियों की जानकारी
एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार भारद्वाज के अनुसार, ट्रांसफर ड्राइव का पहला चरण शुरू हो चुका है और कर्मचारियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। फार्मासिस्टों की ट्रांसफर प्रक्रिया भी चल रही है, जबकि एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों के ट्रांसफर की प्रक्रिया प्रस्तावित है।
एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल और सिरसा विधायक गोकुल सेतिया को ज्ञापन दिए जाने की बात भी सामने आई है।
पहले भी प्रदर्शन कर चुका है नर्सिंग स्टाफ
सिरसा का नर्सिंग स्टाफ इससे पहले भी प्रदर्शन कर चुका है। करीब चार महीने पहले हरियाणा नर्सिंग एसोसिएशन के आह्वान पर महिला आयोग की तत्कालीन चेयरपर्सन रेणू भाटिया के नर्सों को लेकर दिए गए बयान के विरोध में सिरसा सिविल अस्पताल समेत कई स्थानों पर नर्सिंग स्टाफ ने प्रदर्शन किया था और दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल रखी थी।
उस दौरान नर्सिंग स्टाफ ने बयान को लेकर आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक माफी और इस्तीफे की मांग की थी।
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