नवरात्रि व्रत में क्या खाएं, क्या नहीं? साबूदाना से राजगिरा तक 10 फूड्स का हेल्थ रिपोर्ट कार्ड, जानें किसमें प्रोटीन और फाइबर ज्यादा
नवरात्रि व्रत में साबूदाना, आलू, सामक चावल, शकरकंद, राजगिरा, दही और मूंगफली के पोषण संबंधी फायदे जानें। हेल्दी व्रत डाइट के आसान टिप्स पढ़ें।

नई दिल्ली। नवरात्रि के दौरान कई लोग व्रत रखते हैं और अपनी डाइट में साबूदाना, आलू, सामक चावल, शकरकंद, राजगिरा, दही और मूंगफली जैसी चीजें शामिल करते हैं। ये खाद्य पदार्थ शरीर को ऊर्जा देने के साथ अलग-अलग पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं। हालांकि, हर व्रत वाला भोजन पोषण के लिहाज से एक जैसा नहीं होता।
कुछ खाद्य पदार्थ मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट देते हैं, जबकि कुछ में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स भी मिलते हैं। ऐसे में व्रत के दौरान भोजन का चुनाव करते समय स्वाद और परंपरा के साथ पोषण का ध्यान रखना भी जरूरी है।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन और ‘वनडाइटटुडे’ की संस्थापक डॉ. अनु अग्रवाल के विशेषज्ञ मार्गदर्शन से व्रत में खाए जाने वाले 10 लोकप्रिय खाद्य पदार्थों के पोषण की चर्चा की गई है।
1. साबूदाना: तुरंत ऊर्जा, लेकिन प्रोटीन कम
साबूदाना व्रत के दौरान खाया जाने वाला लोकप्रिय भोजन है। इसमें मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट होता है, जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। हालांकि, इसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा कम होती है।
हेल्दी तरीके से कैसे खाएं: साबूदाना खिचड़ी बनाते समय मूंगफली और सब्जियों की जगह व्रत में अनुमत सामग्री का संतुलित इस्तेमाल करें। साथ में दही लेना भी उपयोगी हो सकता है, यदि आपकी व्रत परंपरा इसकी अनुमति देती है।
2. आलू: ऊर्जा के साथ पोटैशियम
आलू में कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम मिलता है। इसे उबालकर या कम तेल में पकाकर खाना, अधिक तेल में तलने की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है।
हेल्दी तरीके से कैसे खाएं: आलू को डीप फ्राई करने के बजाय उबालकर, भूनकर या कम तेल में तैयार करें। मात्रा का ध्यान रखें और इसे दही या मूंगफली जैसे दूसरे खाद्य पदार्थों के साथ संतुलित करें।
3. सामक चावल: व्रत में अनाज का विकल्प
सामक चावल व्रत में नियमित चावल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इससे मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट मिलता है, जो शरीर को ऊर्जा देता है। इसकी वास्तविक पोषण मात्रा किस्म और पकाने के तरीके पर निर्भर करती है।
हेल्दी तरीके से कैसे खाएं: सामक की खिचड़ी या पुलाव बनाते समय तेल और घी की मात्रा सीमित रखें। दही या मूंगफली जैसे अनुमत खाद्य पदार्थों के साथ खाने से भोजन में पोषक तत्वों का संतुलन बेहतर हो सकता है।
4. शकरकंद: फाइबर और बीटा-कैरोटीन का स्रोत
शकरकंद में कार्बोहाइड्रेट के साथ फाइबर और बीटा-कैरोटीन मिलता है। शरीर बीटा-कैरोटीन को विटामिन A में बदल सकता है, जो सामान्य दृष्टि और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी है।
हेल्दी तरीके से कैसे खाएं: शकरकंद को उबालकर या भूनकर खाएं। इसमें अतिरिक्त चीनी या ज्यादा घी डालने से बचें।
5. राजगिरा: प्रोटीन और मिनरल्स वाला विकल्प
राजगिरा यानी अमरंथ व्रत में इस्तेमाल होने वाला पौष्टिक विकल्प है। इसमें प्रोटीन, फाइबर और कुछ मिनरल्स मिलते हैं। हालांकि, वास्तविक मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि इसे किस रूप में और कितनी मात्रा में खाया जा रहा है।
हेल्दी तरीके से कैसे खाएं: राजगिरा की रोटी या कम चीनी वाला दलिया बनाया जा सकता है। राजगिरा के लड्डू खाते समय गुड़, चीनी और घी की मात्रा पर ध्यान दें।
6. दही: प्रोटीन और कैल्शियम का स्रोत
दही से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। इसमें जीवित लाभकारी बैक्टीरिया भी हो सकते हैं, जो कुछ प्रकार के दही में आंतों के स्वास्थ्य को सहयोग देते हैं।
हेल्दी तरीके से कैसे खाएं: बिना अतिरिक्त चीनी वाला सादा दही चुनें। यदि व्रत में दूध से बने उत्पाद खाने की अनुमति है, तो इसे भोजन के साथ शामिल किया जा सकता है।
7. मूंगफली: प्रोटीन और हेल्दी फैट
मूंगफली में प्रोटीन, असंतृप्त वसा, फाइबर और कई पोषक तत्व होते हैं। यह थोड़ी मात्रा में भी भोजन को अधिक संतोषजनक बनाने में मदद कर सकती है।
हेल्दी तरीके से कैसे खाएं: सीमित मात्रा में भुनी हुई मूंगफली खाएं। नमक और तेल की अधिकता से बचें। मूंगफली से एलर्जी होने पर इसका सेवन न करें।
व्रत में हेल्दी डाइट के लिए इन बातों का रखें ध्यान
- प्रोटीन के स्रोत शामिल करें: दही, दूध, मूंगफली और राजगिरा जैसे व्रत में अनुमत खाद्य पदार्थों को अपनी जरूरत के अनुसार शामिल करें।
- फाइबर पर ध्यान दें: शकरकंद और अन्य अनुमत फल या सब्जियां भोजन में विविधता बढ़ा सकती हैं।
- तले हुए खाद्य पदार्थ सीमित करें: बार-बार तली हुई साबूदाना टिक्की, चिप्स और ज्यादा घी वाले पकवान खाने से अतिरिक्त कैलोरी बढ़ सकती है।
- पानी पर्याप्त पिएं: व्रत में भी शरीर को हाइड्रेट रखना जरूरी है। यदि निर्जला व्रत है, तो व्रत समाप्त होने पर धीरे-धीरे तरल पदार्थ लें।
- भोजन में विविधता रखें: केवल साबूदाना या आलू पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग खाद्य पदार्थ शामिल करें।
व्रत में किसे विशेष सावधानी रखनी चाहिए?
डायबिटीज, किडनी की बीमारी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को व्रत की डाइट अपनी स्थिति के अनुसार तय करनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और नियमित दवाएं लेने वाले लोगों के लिए भी लंबे समय तक भूखे रहना या पानी न पीना उचित नहीं हो सकता। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या पंजीकृत डाइटीशियन से सलाह लें।
निष्कर्ष: नवरात्रि में व्रत रखना और पौष्टिक भोजन करना एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं। सही मात्रा, कम तेल में पकाने और अलग-अलग पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ चुनने से व्रत की थाली को अधिक संतुलित बनाया जा सकता है।
संपादकीय नोट: उपलब्ध स्रोत में 10 खाद्य पदार्थों के नाम और विशेषज्ञ का परिचय दिया गया है, लेकिन प्रत्येक खाद्य पदार्थ का पूरा स्कोर या विस्तृत पोषण चार्ट उपलब्ध नहीं है। इसलिए यहां किसी खाद्य पदार्थ को मनमाने अंक नहीं दिए गए हैं।




