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बीकानेर स्पोर्ट्स स्कूल के 70% स्टाफ की लगी जनगणना ड्यूटी

100 से ज्यादा खिलाड़ियों की ट्रेनिंग प्रभावित होने की आशंका

Bikaner के सरकारी स्पोर्ट्स स्कूल में नगर निगम द्वारा लगाई गई जनगणना ड्यूटी अब विवाद का कारण बन गई है। स्कूल के करीब 70 प्रतिशत स्टाफ को जनगणना कार्य में लगा दिया गया है, जिसमें कई फिजिकल टीचर्स भी शामिल हैं। इससे स्कूल में रहकर प्रशिक्षण लेने वाले 100 से अधिक खिलाड़ी छात्रों की ट्रेनिंग और व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

फिजिकल टीचर्स संभालते हैं खिलाड़ियों की पूरी दिनचर्या

जानकारी के अनुसार यह स्पोर्ट्स स्कूल पूरी तरह आवासीय है, जहां हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट और टेबल टेनिस सहित कई खेलों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाती है। खिलाड़ियों की दिनचर्या सुबह से लेकर रात तक अभ्यास, फिटनेस और अनुशासन पर आधारित रहती है।

फिजिकल टीचर्स केवल खेल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि हॉस्टल में खिलाड़ियों की निगरानी और अन्य व्यवस्थाएं भी संभालते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में स्टाफ के जनगणना ड्यूटी पर जाने से स्कूल संचालन प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।

प्रिंसिपल ने ड्यूटी निरस्त करने की मांग की

स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रिंसिपल ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर कम से कम चार फिजिकल टीचर्स की ड्यूटी तत्काल निरस्त करने की मांग की है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन स्टाफ की कमी से खिलाड़ियों की नियमित तैयारी प्रभावित हो सकती है।

नेशनल खिलाड़ियों की तैयारी पर भी असर

विशेषज्ञों के अनुसार खेल संस्थानों में लगातार अभ्यास बेहद जरूरी होता है। कुछ दिनों का व्यवधान भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस पर असर डाल सकता है। खासकर प्रतियोगिताओं और कैंप की तैयारी कर रहे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

Bikaner के सरकारी स्पोर्ट्स स्कूल में नगर निगम द्वारा लगाई गई जनगणना ड्यूटी अब विवाद का कारण बन गई है। स्कूल के करीब 70 प्रतिशत स्टाफ को जनगणना कार्य में लगा दिया गया है, जिसमें कई फिजिकल टीचर्स भी शामिल हैं। इससे स्कूल में रहकर प्रशिक्षण लेने वाले 100 से अधिक खिलाड़ी छात्रों की ट्रेनिंग और व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

फिजिकल टीचर्स संभालते हैं खिलाड़ियों की पूरी दिनचर्या

जानकारी के अनुसार यह स्पोर्ट्स स्कूल पूरी तरह आवासीय है, जहां हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट और टेबल टेनिस सहित कई खेलों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाती है। खिलाड़ियों की दिनचर्या सुबह से लेकर रात तक अभ्यास, फिटनेस और अनुशासन पर आधारित रहती है।

फिजिकल टीचर्स केवल खेल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि हॉस्टल में खिलाड़ियों की निगरानी और अन्य व्यवस्थाएं भी संभालते हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में स्टाफ के जनगणना ड्यूटी पर जाने से स्कूल संचालन प्रभावित होने की संभावना बढ़ गई है।

प्रिंसिपल ने ड्यूटी निरस्त करने की मांग की

स्थिति को देखते हुए स्कूल प्रिंसिपल ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर कम से कम चार फिजिकल टीचर्स की ड्यूटी तत्काल निरस्त करने की मांग की है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सहयोग करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन स्टाफ की कमी से खिलाड़ियों की नियमित तैयारी प्रभावित हो सकती है।

नेशनल खिलाड़ियों की तैयारी पर भी असर

विशेषज्ञों के अनुसार खेल संस्थानों में लगातार अभ्यास बेहद जरूरी होता है। कुछ दिनों का व्यवधान भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन और फिटनेस पर असर डाल सकता है। खासकर प्रतियोगिताओं और कैंप की तैयारी कर रहे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

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