एमपी के 250 शहर-कस्बों में 60 घंटे से बारिश, भोपाल में 2 दिन में 8 इंच; ब्यावरा में 9 इंच बरसात
भोपाल में 2 दिन में 8 इंच; ब्यावरा में 9 इंच बरसात

भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार करीब 60 घंटे से बारिश का दौर जारी है, जिसके चलते प्रदेश के करीब 250 शहरों और कस्बों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भोपाल और उज्जैन संभाग में सक्रिय मौसम सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है और इन संभागों के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में पिछले दो दिनों के दौरान करीब 8 इंच पानी बरस चुका है, जिससे कई निचले इलाकों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। बीते 24 घंटे में राजगढ़ जिले में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। ब्यावरा में करीब 9 इंच, खिलचीपुर में 8 इंच, जीरापुर में 7.7 इंच, राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर में 3.7 इंच, पचोर में 3.7 इंच और सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसी तरह आगर-मालवा जिले के सोयतकलां में 7.7 इंच और आगर शहर में 3.6 इंच बारिश हुई। शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच, शाजापुर शहर में 3.4 इंच और मोमन बड़ोदिया में करीब ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। गुना जिले के कुंभराज में 3.7 इंच, मंदसौर के गरोठ में 2.7 इंच तथा उज्जैन जिले के महिदपुर और माकड़ोन में करीब ढाई-ढाई इंच पानी गिरा। लगातार बारिश के कारण कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं। रायसेन में बेतवा सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और निचले क्षेत्रों में पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। सीहोर में सोमवार शाम भीलाखेड़ी नदी के पास एक मकान में पानी भरने के कारण 10 लोग फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। लगातार बारिश के चलते प्रशासन और राहत दलों को भी सतर्क रखा गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश का यह दौर आगे भी जारी रह सकता है, जिससे नदी-नालों के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।




