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मोदी बोले- ओलंपिक खेलों में भागीदारी बढ़ानी होगी:अभी से खिलाड़ी तैयार करें; खेलो इंडिया डायलॉग में कहा- युवाओं को स्क्रीन से ज्यादा प्लेग्राउंड चाहिए नई दिल्ली14 घंटे पहले पीएम मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया डायलॉग में युवाओं-खिलाड़ियों से वर्चुअली संवाद किया। – Dainik Bhaskar पीएम मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया डायलॉग में युवाओं-खिलाड़ियों से वर्चुअली संवाद किया। पीएम मोदी ने गुरुवार को 1,500 से ज्यादा जगहों पर युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही। ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ानी होगी। 2036 ओलंपिक के लिए अभी से खिलाड़ी तैयार करें। मोदी ने कहा- 15 अगस्त को देश के सामने स्पोर्ट्स विजन रखा। यह सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत और देश की खेल शक्ति बढ़ाने का अभियान है। पीएम ने कहा- मैं हमेशा कहता हूं- जो खेले, वो खिले। आज युवाओं को स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड चाहिए। पीएम के संवाद की 6 बड़ी बातें… नेशनल स्पोर्ट्स डे और मेजर ध्यानचंद पर- 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। यह महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करने का दिन है। करीब 100 साल पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे। भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को आज और मजबूत किया जा रहा है। ओलंपिक में नए खेलों पर- देश के हर जिले में खेल प्रतिभाएं हैं। ओलिंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही है, जबकि दूसरे देश मेडल जीत रहे हैं। भारत को नए खेलों में भी आगे बढ़ना होगा। लंबी समुद्री तटरेखा के बावजूद सर्फिंग में भारत अभी पीछे है। खेलो इंडिया संवाद पर- सरकार मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया संवाद में युवा खेल, गवर्नेंस और विकसित भारत पर सुझाव दे सकेंगे। उनके विचार देश को आगे बढ़ाएंगे। स्पोर्ट्समैन स्पिरिट पर- स्वस्थ समाज और मजबूत परिवार के लिए स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जरूरी है। खेल हमें चैंपियन के साथ बेहतर प्रतियोगी बनना सिखाते हैं। पैरा एथलीट्स की सफलता समाज और परिवारों में नई उम्मीद जगाती है। शीतल और अवनी लेखरा की उपलब्धि पर- शीतल के आर्चरी मेडल और अवनी लेखरा के दो मेडल ने जम्मू-कश्मीर और देश को गौरवान्वित किया। झंडू कुमार समेत कई पैरा एथलीट प्रेरणा दे रहे हैं। फौजा सिंह ने 100 साल की उम्र के बाद भी फिटनेस की मिसाल पेश की। स्क्रीन से ज्यादा खेल जरूरी- युवाओं को स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड चाहिए। हर युवा की भागीदारी भारत की ताकत है। नई तकनीक से खेलों में बदलाव आ रहा है और साइकोलॉजी व न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्रों में नए करियर बन रहे हैं। पीएम ने युवाओं से नए अवसर अपनाने और खेलों पर नए विचार देने की अपील की। खेल मंत्री मांडविया बोले- स्टेडियम ही नहीं लोगों की सोच भी बदली वहीं, खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि पीएम मोदी ने युवाओं को देश का उज्ज्वल भविष्य बताया है। 12 जनवरी को युवाओं के साथ समय बिताने का असर बजट में भी दिखा, जिसे वित्त मंत्री ने यूथ ड्रिवन बताया। उन्होने कहा कि आज सबसे बड़ा बदलाव स्टेडियम में नहीं, बल्कि लोगों की सोच में आया है। एक तरफ वे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने तिरंगे को विश्व मंच तक पहुंचाया है। दूसरी तरफ वे खिलाड़ी हैं, जो तिरंगे को पोडियम तक पहुंचाने का सपना देख रहे हैं। दिग्गज खिलाड़ी भी संवाद में शामिल कार्यक्रम खेल मंत्रालय के ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, PM के साथ’ अभियान के तहत आयोजित किया गया। इसका मकसद युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना है। कार्यक्रम में भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के अलावा मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी समेत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता भी शामिल हुए। इनमें मनिका बत्रा, दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी और मीराबाई चानू शामिल हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडलिस्ट से मिल चुके हैं मोदी इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले थे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की रील भी इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इस बार खिलाड़ियों और युवाओं के साथ संवाद वर्चुअल होगा।

खेलो इंडिया संवाद में प्रधानमंत्री ने कहा- हर जिले की प्रतिभा को तलाशना होगा, नए खेलों में भी भारत की भागीदारी बढ़े; मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘खेलो इंडिया संवाद’ में युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारत को ओलंपिक में अपनी भागीदारी और अधिक खेलों तक बढ़ानी होगी। 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों की तैयारी अभी से शुरू करने पर जोर दिया।

मोदी ने कहा कि भारत कई ओलंपिक खेलों में हिस्सा ही नहीं लेता, जिसके कारण पदक जीतने के अवसर भी सीमित हो जाते हैं। उन्होंने सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइंबिंग जैसे खेलों में भारतीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।

प्रधानमंत्री ने शुरुआती स्तर पर प्रतिभा पहचानने पर भी जोर दिया। उन्होंने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों की क्षमता और उनकी पसंद के अनुरूप खेल प्रशिक्षण देने की बात कही।

उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड की जरूरत है। उनके मुताबिक खेल सिर्फ मेडल जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र निर्माण का हिस्सा भी हैं।

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