स्वतंत्रता दिवस पर महाकाल मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, 6.57 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
एक दिन में 122 क्विंटल से ज्यादा लड्डू बिके, प्रसाद से ₹54.69 लाख और टिकटों से मंदिर समिति को ₹1.07 करोड़ की आय

उज्जैन, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और देशभर से आए लाखों भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार 15 अगस्त को कुल 6 लाख 57 हजार 218 श्रद्धालुओं ने महाकालेश्वर के दर्शन किए। स्वतंत्रता दिवस और सावन के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण मंदिर परिसर, दर्शन मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल को प्रसाद के रूप में चढ़ाने और अपने साथ ले जाने के लिए बड़ी मात्रा में लड्डू भी खरीदे। मंदिर समिति के अनुसार एक ही दिन में 122.165 क्विंटल यानी करीब 12,216.5 किलोग्राम से अधिक लड्डुओं की बिक्री हुई, जिससे समिति को 54 लाख 69 हजार 800 रुपये की आय हुई। मंदिर में दर्शन और विभिन्न सुविधाओं से संबंधित ऑनलाइन तथा काउंटर टिकटों से भी बड़ी राशि प्राप्त हुई। ऑनलाइन टिकट के माध्यम से 27,953 श्रद्धालुओं से 69 लाख 88 हजार 250 रुपये की आय हुई, जबकि काउंटर टिकटों से 15,200 श्रद्धालुओं ने कुल 38 लाख रुपये का भुगतान किया। इस प्रकार ऑनलाइन और काउंटर टिकटों से एक दिन में मंदिर समिति को कुल 1 करोड़ 7 लाख 88 हजार 250 रुपये की आय हुई। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंध समिति की ओर से भीड़ नियंत्रण, दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। मंदिर प्रशासन का प्रयास रहा कि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए जाएं और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और मंदिर परिसर दिनभर धार्मिक आस्था एवं भक्ति के माहौल से सराबोर रहा। आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन द्वारा व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है। 17 अगस्त को सावन का तीसरा सोमवार और नागपंचमी एक ही दिन पड़ने के कारण उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट वर्ष में एक बार नागपंचमी के अवसर पर विशेष रूप से खोले जाते हैं, जिससे इस अवसर पर महाकाल नगरी में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।



