जेडीए-पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना स्थगित, पांच मांगों पर बनी सहमति; राजाराम गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज
शहीद स्मारक और पुलिस कमिश्नरेट पर चल रहा आंदोलन उच्चस्तरीय आश्वासन के बाद रुका; जेडीए अधिकारियों-थानाधिकारी पर जांच और कार्रवाई का भरोसा

जयपुर। जेडीए और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता बद्री सिंह राजावत की ओर से शहीद स्मारक और पुलिस कमिश्नरेट पर चलाया जा रहा धरना स्थगित कर दिया गया है। राजावत के अनुसार, उच्चस्तरीय आश्वासन मिलने और उनकी पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
राजावत ने आरोप लगाया था कि राजनीतिक दबाव में उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए और जेडीए तथा पुलिस प्रशासन ने उनके साथ अन्यायपूर्ण कार्रवाई की। लंबे समय से वह इस कार्रवाई के विरोध में आंदोलन कर रहे थे।
जेडीए अधिकारियों और थानाधिकारी पर कार्रवाई
राजावत के मुताबिक, राजनीतिक दबाव में दर्ज दोनों मामलों को लेकर संबंधित जेडीए अधिकारियों और खो-नागोरियान थानाधिकारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद निलंबन की कार्रवाई पर भी सहमति बनी है।
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे मामलों की जांच
दोनों मामलों की जांच अब सक्षम वरिष्ठ अधिकारी को सौंपने पर सहमति बनी है। नए सिरे से तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी। राजावत के अनुसार, यदि मामले जांच में झूठे पाए जाते हैं तो उनमें एफआर लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
राजाराम गुर्जर के खिलाफ मामला दर्ज
राजावत ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के जरिए भूमाफिया राजाराम गुर्जर की ओर से जबरन सड़क बनवाने का प्रयास किया गया। उनके अनुसार इस मामले में राजाराम गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले दर्ज मामलों में भी कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
जेडीए कर्मचारियों की भूमिका की होगी जांच
जेडीए कर्मचारियों की कथित भूमिका की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। राजावत का आरोप है कि गलत तथ्यों को शामिल कर भूमाफिया को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
जांच में यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ निलंबन सहित विभागीय कार्रवाई किए जाने पर सहमति बनी है।
गिरफ्तारी वारंट पर कार्रवाई का आश्वासन
राजाराम गुर्जर के खिलाफ न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट पर भी तत्काल कार्रवाई का आश्वासन मिलने की बात राजावत ने कही है।
राजावत ने दावा किया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि विवादित सड़क करीब पांच दिन पहले आनन-फानन में बनाई गई थी। उनका कहना है कि उनके पास कई वर्षों की गूगल इमेज उपलब्ध हैं, जिनसे सड़क की पुरानी स्थिति की जानकारी मिल सकती है।
पुलिस कमिश्नर ने निष्पक्ष कार्रवाई का दिया भरोसा
मामले में पुलिस कमिश्नर की ओर से भी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई है। इन आश्वासनों के बाद राजावत ने धरना फिलहाल स्थगित कर दिया।
समर्थकों और सामाजिक संगठनों का जताया आभार
बद्री सिंह राजावत ने अपने समर्थन में खड़े नेताओं, राजपूत समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों का आभार जताया। उन्होंने राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़, भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच सहित कई नेताओं के समर्थन का उल्लेख किया।
उन्होंने क्षत्रिय युवक संघ, श्री राजपूत सभा, करणी सेना और सर्वसमाज के लोगों का भी आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से प्रशासन के सामने मामले को रखने में मदद मिली।




