पंजाब में 3 सितंबर को स्कूल बसों का चक्का जाम, 3 जिलों में स्कूल बंद रखने की एडवाइजरी
बठिंडा में होगी राज्य स्तरीय महापंचायत, निजी स्कूल-कॉलेज बस मालिक, ड्राइवर और कंडक्टर जुटेंगे; अलग स्कूल ट्रांसपोर्ट नीति समेत कई मांगें

पंजाब स्कूल एंड कॉलेज प्राइवेट बस ट्रांसपोर्ट यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 3 सितंबर 2026 को पंजाबभर में निजी स्कूल-कॉलेज बसों और वैन का चक्का जाम रखने का ऐलान किया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह सरां के अनुसार इसी दिन बठिंडा की दाना मंडी में सुबह 10 बजे राज्य स्तरीय महापंचायत और रैली आयोजित की जाएगी, जिसमें पंजाब के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में निजी स्कूल-कॉलेज बसों के मालिक, ड्राइवर और कंडक्टर शामिल होंगे। बस ऑपरेटरों का कहना है कि परिवहन विभाग की नीतियों, बढ़ते टैक्स, वाहनों की पासिंग और जीपीएस सिस्टम से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन ने आरोप लगाया कि लाखों परिवारों की रोजी-रोटी और हजारों बच्चों की स्कूल परिवहन व्यवस्था इस कारोबार पर निर्भर है, इसके बावजूद सरकार और परिवहन विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों का दावा है कि नई खरीदी गई कई बसें भारी टैक्स और पासिंग संबंधी दिक्कतों के कारण लंबे समय से बिना नंबर और पासिंग के खड़ी हैं। यूनियन ने पंजाब में हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और चंडीगढ़ की तर्ज पर अलग स्कूल ट्रांसपोर्ट नीति बनाने की मांग की है, ताकि निजी स्कूल बस संचालकों को नियमों और टैक्स से जुड़ी समस्याओं से राहत मिल सके। इसके अलावा बसों में लगे GPS सिस्टम को लेकर भी विवाद सामने आया है। यूनियन का आरोप है कि पहले से वाहनों में लगे GPS सिस्टम को मान्य नहीं किया जा रहा और परिवहन विभाग अपनी पसंद का नया GPS सिस्टम लगाने के लिए दबाव बना रहा है, जिसके चलते कई वाहनों की पासिंग प्रभावित हो रही है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि वे बच्चों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करने को तैयार हैं, लेकिन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया व्यावहारिक और सभी पक्षों के लिए उचित होनी चाहिए। इस बीच फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशंस ऑफ पंजाब (FAP) ने भी 3 सितंबर को बठिंडा, बरनाला और मानसा जिलों के अपने सदस्य निजी स्कूलों को बंद रखने की एडवाइजरी जारी की है। फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. जगजीत सिंह की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि निजी स्कूल बस ऑपरेटरों के महापंचायत में शामिल होने के कारण उस दिन स्कूल बस सेवाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा और आने-जाने में होने वाली परेशानी को देखते हुए तीन जिलों के सदस्य स्कूलों को बंद रखने की सलाह दी गई है। यूनियन के अनुसार बठिंडा की महापंचायत में पंजाबभर से हजारों बस मालिक, ड्राइवर और कंडक्टर पहुंच सकते हैं। ट्रांसपोर्टरों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती और उनसे बातचीत नहीं की जाती तो आंदोलन को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। 3 सितंबर का चक्का जाम इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे निजी स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की परिवहन व्यवस्था प्रभावित होगी। अब सरकार और परिवहन विभाग की ओर से यूनियन के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की जाती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।




