कानपुर में कारोबारी की हत्या से पहले बहू ने किया था गूगल सर्च?: पुलिस के मुताबिक- हत्या को सुसाइड जैसा दिखाने की कोशिश; जेल में शालू-विशाल से 30 से ज्यादा सवाल
विनीत मिनोचा हत्याकांड में 7 मोबाइल नंबरों का 1,000 पेज CDR खंगाल रही पुलिस; शालू-विशाल से जेल में 30 से ज्यादा सवाल

कानपुर। करोड़ों के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा (63) की हत्या के मामले में पुलिस जांच में नए दावे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, हत्या से पहले आरोपी बहू शालू ने मोबाइल पर ऐसा गूगल सर्च किया था, जिससे किसी व्यक्ति की हत्या को आत्महत्या जैसा दिखाने की जानकारी मिल सके।
पुलिस ने कारोबारी के बेटे सुब्रत, बहू शालू और आरोपी नौकर विशाल गौतम से जुड़े 7 मोबाइल नंबरों का करीब 1,000 पेज का कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) निकाला है। इसमें 1 मई से 6 सितंबर तक की कॉल डिटेल शामिल है।
पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों का मिलान कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कैसे और कब तैयार हुई।
हत्या के बाद विशाल ने राजकिशोर को 5 बार कॉल किया
DCP कासिम आबिदी के मुताबिक, CDR से हत्या से पहले और बाद में आरोपियों के बीच हुई बातचीत की जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच में पुलिस को पता चला है कि हत्या के बाद विशाल ने अपने साथी राजकिशोर को पांच बार फोन किया। इसके बाद वह Uber कैब से उसके ठिकाने तक पहुंचा।
अब पुलिस Uber के रूट मैप, ड्राइवर के बयान और डिजिटल पेमेंट रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
विनीत मिनोचा की हत्या 5 सितंबर की रात हुई थी। इस मामले में आरोपी बहू शालू, नौकर विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर जेल में हैं।
जेल में शालू और विशाल से 30 से ज्यादा सवाल
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारी इंस्पेक्टर केशव तिवारी ने जेल में शालू और विशाल से पूछताछ की। दोनों से 30 से ज्यादा सवाल किए गए।
पूछताछ में हत्या की कथित प्लानिंग, दोनों के बीच बातचीत, घटना वाले दिन की गतिविधियों और वारदात के बाद के घटनाक्रम से जुड़े सवाल शामिल थे।
पुलिस ने पूछा- विशाल ने आपका नाम क्यों लिया?
शालू का जवाब: उसे नहीं पता कि विशाल ने किसके कहने पर उसका नाम लिया।
घटना वाले दिन विशाल को 14 बार फोन क्यों किया?
शालू ने बताया: उसे कपल किटी में जाना था और उसने विशाल से गजरा मंगवाया था। विशाल के आने में देरी होने के कारण उसने कई बार फोन किया।
विशाल ने गार्ड को अपना नाम ‘शिवम’ क्यों बताया?
शालू का जवाब: वह इसके बारे में नहीं जानती।
विशाल ने हत्या क्यों की?
पुलिस के मुताबिक, विशाल ने पूछताछ में दावा किया कि उसने शालू के कहने पर हत्या की। उसके अनुसार शालू ने उसे 6 लाख रुपए देने का वादा किया था।
विशाल ने कथित तौर पर बताया कि उसके ऊपर करीब 2 लाख रुपए का कर्ज था। शालू ने कर्ज चुकाने के अलावा उसे नौकरी पर रखने की बात भी कही थी।
पैसे कब मिलने थे?
विशाल के मुताबिक, शालू ने हत्या के अगले दिन 2 लाख रुपए और करीब 15 दिन बाद बाकी 4 लाख रुपए देने की बात कही थी।
सुब्रत का हत्या से क्या संबंध है?
विशाल ने पुलिस को बताया कि सुब्रत का हत्या में कोई कनेक्शन नहीं है।
इन बयानों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस डिजिटल तथा अन्य साक्ष्यों से इनकी जांच कर रही है।
सुब्रत भी पुलिस की जांच के दायरे में
DCP वेस्ट के मुताबिक, सुब्रत और विशाल के बीच 1 मई से 5 सितंबर तक करीब 309 बार बातचीत हुई थी।
पुलिस के अनुसार, विशाल को चोरी के आरोप में कारोबारी विनीत मिनोचा ने नौकरी से निकाल दिया था। इसके बावजूद वह सुब्रत के संपर्क में बना रहा।
CCTV में विशाल की पहचान को लेकर भी सुब्रत से पूछताछ की गई है। पुलिस अब उसके बयानों का मिलान कॉल रिकॉर्ड और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों से कर रही है।
पुलिस शालू और विशाल की रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। इसके बाद दोनों के सामने सुब्रत से पूछताछ कराए जाने की संभावना है।
हत्या से दो दिन पहले विशाल ने बदला था सिम
पुलिस के मुताबिक, विशाल के पास दो सिम कार्ड थे। हत्या की कथित प्लानिंग के बाद उसने वारदात से दो दिन पहले अपना पुराना सिम बंद कर नया नंबर लिया था।
पुलिस का कहना है कि इसी नए नंबर से वह सुब्रत और शालू के संपर्क में था।
हत्या वाले दिन सुब्रत ने विशाल से करीब 25 बार, जबकि शालू ने उससे 14 बार बातचीत की थी।
इन कॉल्स की टाइमिंग और लोकेशन अब पुलिस जांच का अहम हिस्सा हैं।
2022 की वसीयत भी जांच में शामिल
विनीत मिनोचा बिरहाना रोड पर ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम से दवा की फर्म चलाते थे। बताया जा रहा है कि वह अपने बेटे सुब्रत के साथ कारोबार संभालते थे और फर्म का सालाना टर्नओवर करीब 50 से 60 करोड़ रुपए था।
पुलिस संपत्ति विवाद और आर्थिक लाभ के एंगल से भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, विनीत ने 2022 में अपनी संपत्ति की वसीयत पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी के नाम की थी। उनकी पत्नी पुनीता लंबे समय से गाजियाबाद में बेटी के साथ रह रही थीं और मैरिज काउंसलर हैं।
रोका समारोह में भी नहीं आई थीं सुब्रत की मां
शालू के भाई धीरज अरोड़ा के मुताबिक, सुब्रत और शालू की शादी तय होने के बाद लखनऊ में रोका समारोह हुआ था।
इस कार्यक्रम में सुब्रत के रिश्तेदार शामिल हुए थे, लेकिन उनकी मां पुनीता वहां नहीं आई थीं। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए शालू से बात कर उसे आशीर्वाद दिया था।
परिवार के मुताबिक, पुनीता शादी से पहले से ही गाजियाबाद में रह रही थीं।
पुलिस के सामने अभी ये बड़े सवाल
जांच एजेंसियां फिलहाल कई सवालों के जवाब तलाश रही हैं:
- शालू ने हत्या को आत्महत्या जैसा दिखाने से जुड़ा कथित सर्च कब किया?
- यह सर्च कितनी बार किया गया और क्या उससे जुड़ी कोई सामग्री डाउनलोड की गई?
- सुब्रत और विशाल के बीच 309 बार बातचीत किस वजह से हुई?
- हत्या वाले दिन दोनों के बीच इतनी बार फोन पर बात क्यों हुई?
- विशाल ने वारदात से दो दिन पहले सिम क्यों बदला?
- 2022 की वसीयत और हत्या के बीच कोई संबंध है या नहीं?
- हत्या के बाद विशाल और राजकिशोर की गतिविधियों से क्या जानकारी सामने आती है?
पुलिस अब डिजिटल रिकॉर्ड, CCTV, कॉल डिटेल, बयानों और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर पूरे मामले की कड़ियां तलाश रही है। फिलहाल हत्या की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।




