राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक आज, पूर्व IPS राजेश पांडेय के CEO बनने की तैयारी
चढ़ावा चोरी विवाद के बाद ट्रस्ट में बड़े प्रशासनिक बदलाव की चर्चा, शरद शर्मा को प्रवक्ता की जिम्मेदारी मिलने की संभावना

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली अहम बैठक में राम मंदिर के प्रशासन को लेकर कई बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के पूर्व IPS अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में पहचान रखने वाले राजेश पांडेय को राम मंदिर का पहला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) बनाए जाने का फैसला लगभग तय माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि राजेश पांडेय मंगलवार शाम अयोध्या पहुंच चुके हैं और ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है। प्रयागराज निवासी राजेश पांडेय को पुलिस सेवा के दौरान गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला समेत कई कुख्यात अपराधियों के खिलाफ अभियानों में भूमिका निभाने का अनुभव रहा है और वह उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) तथा एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो पीसकीपिंग मिशन में काम करने का भी अनुभव है। राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CEO का पद बनाया गया है और इसके लिए देशभर से 5585 आवेदन आने के बाद 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू किया गया था। 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में हुए इंटरव्यू के बाद सर्च कमेटी ने तीन नाम ट्रस्ट को सौंपे थे। बैठक में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व मीडिया प्रभारी शरद शर्मा को ट्रस्ट का प्रवक्ता बनाए जाने पर भी निर्णय हो सकता है। इसके अलावा ट्रस्ट में खाली पड़े तीन पदों को भरने और अयोध्या के राजा के बेटे यतींद्र मिश्रा को ट्रस्ट में शामिल करने पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि स्थायी महासचिव की नियुक्ति को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं बताई जा रही है। बैठक में राम मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन का फैसला भी हो सकता है। परिक्रमा समिति श्रद्धालुओं और साधु-संतों की परिक्रमा व्यवस्था को व्यवस्थित करने पर काम करेगी, जबकि प्रसाद समिति रामलला को चढ़ाए जाने वाले प्रसाद तथा श्रद्धालुओं को वितरित किए जाने वाले प्रसाद की व्यवस्था तय करेगी। चढ़ावा चोरी के विवाद के बाद ट्रस्ट की यह तीसरी अहम बैठक है। इससे पहले ट्रस्ट ने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए थे और रिटायर्ड IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद नौ संतों की धार्मिक समिति का गठन किया गया था, जिसकी अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरि कर रहे हैं। चोरी के मामले में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद पुलिस कार्रवाई भी हुई थी और चढ़ावा गिनने के दौरान नोटों तथा गहनों की कथित चोरी के आरोप में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दाखिल हुई हैं और जांच की निगरानी से जुड़े निर्देश दिए गए हैं। ट्रस्ट की बैठक में रामलला के गर्भगृह में दो AC लगाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हो सकती है। इसके लिए दीवारों में छेद करने की जरूरत होगी और धार्मिक समिति पहले ही इस संबंध में अपना प्रस्ताव ट्रस्ट को सौंप चुकी है। ऐसे में आज की बैठक को राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे और व्यवस्थाओं में बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




