चतरा में अनियंत्रित स्कॉर्पियो पेड़ से टकराई, चालक गंभीर
हजारीबाग से सिमरिया लौटते समय बिरहु के पास हुआ हादसा, गश्त पर निकले CO ने इंडिकेटर की रोशनी देखकर रुकवाया वाहन; घायल को रांची किया गया रेफर

झारखंड के चतरा जिले में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कॉर्पियो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना बिरहु के पास रात करीब 11:30 बजे हुई, जब हजारीबाग से सिमरिया लौट रही स्कॉर्पियो अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे सखुआ के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक प्रशांत कुमार गाड़ी के अंदर ही फंस गए। बताया गया कि बिरहु के पास सड़क पर मौजूद तीखे मोड़ पर अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया, जिसके बाद स्कॉर्पियो सड़क से बाहर निकलकर पेड़ से जा भिड़ी। हादसा जिस स्थान पर हुआ, वह इलाका रात के समय काफी सुनसान और जंगली क्षेत्र माना जाता है, इसलिए दुर्घटना के तुरंत बाद घायल को मदद मिलने की संभावना कम थी। इसी बीच कुछ देर बाद सिमरिया के अंचल अधिकारी गौरव कुमार अपने सुरक्षा जवानों के साथ उसी मार्ग से गुजर रहे थे। सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो की इंडिकेटर लाइट जलती देखकर सुरक्षाकर्मियों की नजर वाहन पर पड़ी और उन्होंने गाड़ी रुकवाई। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि चालक प्रशांत कुमार क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो के भीतर फंसे हुए हैं और उन्हें तत्काल बाहर निकालने की जरूरत है। इसके बाद अंचल अधिकारी और उनके साथ मौजूद जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव अभियान शुरू किया। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण घायल को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। काफी प्रयास के बाद प्रशांत कुमार को वाहन से बाहर निकाला गया। बचाव कार्य के दौरान मदद करने वाले लोगों के कपड़ों पर भी खून लग गया। घायल को बाहर निकालने के बाद बिना समय गंवाए सिमरिया रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। गंभीर चोटों को देखते हुए चिकित्सकों ने उनकी हालत को गंभीर बताया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद घायल प्रशांत कुमार को रांची ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के बाद पुलिस ने भी दुर्घटनास्थल की जानकारी जुटाई और वाहन की स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना की मुख्य वजह तीखे मोड़ पर स्कॉर्पियो से नियंत्रण खोना बताई जा रही है, हालांकि पुलिस हादसे के अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। रात के समय सुनसान इलाके में दुर्घटना होने के कारण यदि समय पर अंचल अधिकारी और सुरक्षा जवानों की नजर वाहन पर नहीं पड़ती, तो घायल को मदद मिलने में काफी देर हो सकती थी। स्कॉर्पियो की इंडिकेटर लाइट दुर्घटना के बाद भी जल रही थी, जिसने गुजर रहे अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और समय रहते घायल तक सहायता पहुंच सकी। हादसे की सूचना के बाद स्थानीय स्तर पर भी लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। दुर्घटना के बाद क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो को देखकर हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दुर्घटना के समय वाहन की गति कितनी थी और क्या सड़क की स्थिति या मोड़ के कारण चालक को वाहन नियंत्रित करने में परेशानी हुई। फिलहाल घायल चालक का रांची में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है। यह घटना एक बार फिर रात के समय सुनसान और घुमावदार सड़कों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी की जरूरत को सामने लाती है। खासकर ऐसे मार्गों पर तेज गति से वाहन चलाने पर अचानक नियंत्रण खोने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन और पुलिस की ओर से भी वाहन चालकों को रात में गति नियंत्रित रखने और तीखे मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। समय पर मिली मदद के कारण घायल को अस्पताल पहुंचाया जा सका, जिससे उसकी जान बचाने के लिए तत्काल चिकित्सा उपलब्ध हो सकी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।




