तिघरा बांध फुल: ग्वालियर में रोज मिलेगा पानी, मटमैले पानी से भी राहत की उम्मीद
739.50 फीट से ऊपर पहुंचा जलस्तर तो 3 गेट खोले, सांक नदी में छोड़ा 1040 क्यूसेक पानी; नगर निगम रोजाना सप्लाई शुरू करने की तैयारी में

ग्वालियर। लगातार हो रही बारिश के चलते ग्वालियर की लाइफलाइन कहे जाने वाला तिघरा बांध अपनी पूरी क्षमता तक भर गया है। बांध का जलस्तर निर्धारित क्षमता 739 फीट को पार कर 739.50 फीट से अधिक पहुंचने के बाद जल संसाधन विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर शुक्रवार शाम बांध के तीन गेट खोल दिए।
तीनों गेट करीब 9-9 इंच तक खोले गए, जिससे बांध से लगभग 1040 क्यूसेक पानी सांक नदी में छोड़ा गया। तिघरा के पूरी तरह भरने के बाद अब ग्वालियर शहर में पेयजल संकट कम होने और जल्द ही रोजाना पानी की सप्लाई शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
इसके साथ ही बारिश के दिनों में शहर में सप्लाई हो रहे मटमैले पानी की समस्या से भी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
739.50 फीट पार होते ही खोले गए गेट
तिघरा बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे ही बांध के गेट खोले जाने को लेकर सूचना और चेतावनी जारी कर दी थी।
शाम करीब 5:30 बजे जलस्तर 739.50 फीट के पार पहुंच गया। इसके बाद अधिकारियों ने शाम 6 बजे गेट खोलने का निर्णय लिया और तीन गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी।
सांक नदी में छोड़ा गया 1040 क्यूसेक पानी
बांध के तीन गेट 9-9 इंच तक खोलने के बाद करीब 1040 क्यूसेक अतिरिक्त पानी सांक नदी में छोड़ा गया। प्रशासन ने बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
बांध के फुल होने की खबर के बाद बड़ी संख्या में लोग तिघरा क्षेत्र में पहुंचने लगे और बांध के आसपास का नजारा देखने के साथ पिकनिक मनाते भी नजर आए।
अब रोजाना पानी सप्लाई की तैयारी
फिलहाल ग्वालियर शहर में लोगों को एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। तिघरा बांध के पूरी तरह भर जाने के बाद नगर निगम और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के बीच रोजाना पेयजल सप्लाई शुरू करने को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बैठक में रोजाना पानी सप्लाई को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि जल्द ही शहर में प्रतिदिन पानी उपलब्ध कराने के संबंध में आधिकारिक निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
मटमैले पानी की समस्या से भी राहत की उम्मीद
बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में नलों से मटमैला पानी आने की शिकायतें सामने आ रही थीं। एक तरफ लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा था, वहीं दूसरी ओर सप्लाई के पानी की गुणवत्ता को लेकर भी परेशानी थी।
अब तिघरा में पर्याप्त जलभराव होने और लगातार नए पानी की आवक से जल शोधन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। इससे शहरवासियों को साफ पेयजल मिलने और मटमैले पानी की समस्या कम होने की संभावना है।
महापौर ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
तिघरा बांध के गेट खोले जाने के दौरान ग्वालियर की महापौर डॉ. शोभा सिकरवार भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों से बांध के जलस्तर, पानी की निकासी और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान मेयर-इन-काउंसिल (MIC) के सदस्य विनोद यादव ‘माठू’, प्रेमलता धर्मेंद्र जैन, नाथूराम ठेकेदार, संध्या कुशवाह और मोनिका शर्मा मौजूद रहे।
प्रशासनिक अमले में जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री राजेश चतुर्वेदी, SDO वीरेंद्र यादव और मयंक कटारे तथा नगर निगम के कार्यपालन यंत्री शिशिर श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
तिघरा के फुल होने से शहर को बड़ी राहत
तिघरा बांध का पूरी क्षमता तक भरना ग्वालियर के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे शहर की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। रोजाना पानी की सप्लाई शुरू होने और मटमैले पानी की समस्या कम होने से शहरवासियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
हालांकि रोजाना जल सप्लाई शुरू करने का अंतिम निर्णय नगर निगम और संबंधित विभागों की समीक्षा के बाद आधिकारिक तौर पर लिया जाएगा।


